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नेपाल के नोट के नक्शे पर भारतीय इलाका

कूटनीतिक तनाव के बीच नया विवाद खड़ा हो गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः नेपाल के नेपाल राष्ट्र बैंक ने गुरुवार को 100 रुपये मूल्यवर्ग के नए करेंसी नोट जारी किए हैं। इन नोटों पर नेपाल का एक संशोधित और विवादास्पद राजनीतिक नक्शा दर्शाया गया है। इस नए नक्शे में भारत के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों – कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा – को नेपाल के संप्रभु क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है। काठमांडू के इस एकतरफा कदम से भारत और नेपाल के बीच वर्षों से चले आ रहे सीमा विवाद में नए सिरे से तनाव आने की आशंका है।

नेपाल राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता ने इस कदम की पुष्टि करते हुए कहा कि यह नया नक्शा सरकारी फैसले के अनुसार बैंक नोट में शामिल किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 10, 50, और 500 रुपये जैसे अन्य मूल्यवर्ग के नोटों में से केवल 100 रुपये के करेंसी नोट पर ही नेपाल का नक्शा छापा जाता है, जिसे अब अद्यतन किया गया है।

100 रुपये के नए बैंक नोट के अग्रभाग (आगे की ओर) बाईं ओर माउंट एवरेस्ट की तस्वीर है, जबकि दाईं ओर नेपाल के राष्ट्रीय फूल रोडोडेंड्रोन का वॉटरमार्क है। नोट के केंद्र में पृष्ठभूूमि में नेपाल का हल्का हरा नक्शा है, जिसमें विवादित क्षेत्रों को शामिल किया गया है। नक्शे के पास अशोक स्तंभ की एक छवि अंकित है, जिसके नीचे ‘लुंबिनी भगवान बुद्ध का जन्मस्थान’ लिखा गया है। करेंसी के पीछे की तरफ एक सींग वाले गैंडे की तस्वीर है।

यह विवादित कदम मई 2020 की घटना की याद दिलाता है, जब तत्कालीन केपी शर्मा ओली की सरकार ने एक नया राजनीतिक नक्शा जारी किया था। उस नक्शे में भी लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा के भारतीय क्षेत्रों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था। नेपाल की संसद ने भी सर्वसम्मति से इस नए नक्शे को मंजूरी दी थी। भारत ने उस समय नेपाल के इस एकतरफा कार्य पर कड़ी आपत्ति जताई थी और काठमांडू को कृत्रिम विस्तार के ऐसे कदमों से बचने की चेतावनी दी थी।

नेपाल का कहना है कि नोट पर छपा नक्शा, जिसमें लिपुलेख, लिंपियाधुरा और कालापानी शामिल हैं, उसकी संप्रभुता का प्रतीक है। जबकि भारत का हमेशा से यह रुख रहा है कि ये तीनों क्षेत्र लंबे समय से उसके प्रशासनिक नियंत्रण और अभिन्न अंग रहे हैं। पिछले वर्ष नेपाल सरकार ने नए 100 रुपये के बैंक नोटों के डिजाइन को बदलने की मंजूरी दी थी, और अब इन नोटों के सार्वजनिक होने से दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक जटिलताएं बढ़ने की संभावना है।

भारत और नेपाल लगभग 1,850 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं, जो भारत के पांच राज्यों – सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से लगती है। 2020 में संवैधानिक संशोधन के माध्यम से नेपाल द्वारा लिम्पियाधुरा, लिपुलेख और कालापानी को अपना हिस्सा बताते हुए नक्शा जारी करने से सीमा विवाद शुरू हुआ था। नेपाल द्वारा अपनी मुद्रा पर इस विवादित नक्शे को छापकर, यह दर्शाया गया है कि वह इन क्षेत्रों पर अपने दावे से पीछे नहीं हटेगा, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ना निश्चित है।