Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Khatu Shyam Mandir: खाटूश्याम मंदिर में SHO की गुंडागर्दी! युवक को कॉलर से खींचा, जमीन पर पटका; वीडि... Mathura Mass Suicide: मथुरा में सामूहिक आत्मघाती कदम, 5 सदस्यों की मौत से इलाके में दहशत, सुसाइड नोट... CM Yogi in Sitapur: 'बंट गए तो कटने के रास्ते खुल जाएंगे', सीतापुर में सीएम योगी ने दुश्मनों को लेकर... वित्त मंत्री अपना पिछला वादा भूल गयीः चिदांवरम शीर्ष अदालत में पश्चिम बंगाल एसआईआर मुद्दे पर सुनवाई किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीः पीयूष गोयल सिद्दीपेट में अब बाघ के आतंक से जनता नाराज इसरो के चंद्रयान 4 मिशन की तैयारियां जारी चुनावी झटके से उबरने के बाद फिर सक्रिय  हुए प्रशांत किशोर विधि व्यवस्था का बड़ा सवाल बन रहा है चुनाव

अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ने 1,00,000वीं परिक्रमा पूरी की

तमाम उथलपुथल और तनाव के बीच भी अंतरिक्ष शोध जारी

मॉस्कोः मानव इतिहास के सबसे महत्वाकांक्षी अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोगों में से एक, अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ने आज पृथ्वी की अपनी 1,00,000वीं (एक लाखवीं) परिक्रमा पूरी करके एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित किया है। यह अविश्वसनीय उपलब्धि 1998 में अपनी स्थापना के बाद से अंतरिक्ष अन्वेषण और वैज्ञानिक सहयोग के क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति को दर्शाती है। यह अंतरिक्ष स्टेशन कई देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों, जिनमें मुख्य रूप से अमेरिका (नासा), रूस (रॉसकोमस), यूरोप (ईएसए), जापान (जाक्सा) और कनाडा (सीएसए) शामिल हैं, के बीच निरंतर साझेदारी और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है।

आईएसएस लगभग 28,000 किलोमीटर प्रति घंटा (17,500 मील प्रति घंटा) की गति से पृथ्वी की परिक्रमा करता है, जिसका अर्थ है कि यह प्रतिदिन लगभग 16 बार पृथ्वी का चक्कर लगाता है। इस मिशन के दौरान, स्टेशन ने अनगिनत वैज्ञानिक प्रयोगों की मेजबानी की है, जिन्होंने पृथ्वी पर जीवन और अंतरिक्ष में मानव अस्तित्व को समझने में मदद की है।

इनमें सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के तहत भौतिकी, जीव विज्ञान, चिकित्सा और खगोल विज्ञान के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन शामिल है। यह स्टेशन लगातार पृथ्वी की जलवायु, मौसम पैटर्न और प्राकृतिक आपदाओं पर डेटा भी प्रदान करता रहा है। वैज्ञानिक समुदाय इस उपलब्धि का जश्न मना रहा है, क्योंकि आईएसएस ने अंतरिक्ष में मानव उपस्थिति को स्थायी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

अंतरिक्ष एजेंसियों ने आने वाले वर्षों में भी स्टेशन को चालू रखने की योजना बनाई है, जबकि वे चंद्रमा और मंगल ग्रह पर भविष्य के मिशनों की तैयारी कर रहे हैं। यह परिक्रमा संख्या केवल एक संख्या नहीं है, बल्कि अंतरिक्ष में मानव दृढ़ संकल्प और वैश्विक एकता का एक शक्तिशाली प्रमाण है।