मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: राजस्व भूमि पर बिना सरकारी इजाजत के स्टोन क्रशर मशीन लगाकर गिट्टी बनाए जाने का पूर्व में मामला सामने आया था. शिकायत जनपद पंचायत खड़गवां के ग्राम पंचायत पैनारी से खनिज विभाग को मिली थी. खनिज विभाग के अधिकारी ने बताया कि करीब 11 महीने पहले से उनको अवैध क्रशर चलाए जाने की सूचना ग्रामीणों से मिली थी. सूचना के आधार पर उन्होने कड़ी कार्रवाई करते हुए कंस्ट्रक्शन कंपनी पर 13 लाख 33 हजार 500 का जुर्माना लगाया था. गांव वालों की शिकायत है कि सील किए गए मशीन को अब वहां से हटा दिया गया है, या फिर किसी दूसरी कंपनी को बेच दिया गया है. जो की नियमों के खिलाफ है. सील मशीन को न तो बेचा सकता है नहीं हटाया जा सकता है. खनिज विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि अगर इस तरह का काम हुआ तो इसपर वो कड़ी कार्रवाई करेंगे.
अवैध क्रशर मशीन लगाने का आरोप: खनिज विभाग का कहना है कि गांव के कुछ लोगों ने क्रशर मशीन को लेकर शिकायत उनसे की है. शिकायत करने वालों के मुताबिक पहले जो अवैध तरीके से क्रशर मशीन लगाया गया था उसे खनिज विभाग ने सील किया था. लेकिन अब उस मशीन को चोरी छिपे बेच दिया गया है. जबकि सील किए गए क्रशर को उस जगह से हटाना और उसे किसी और को बेचना नियमों के खिलाफ है. ऐसे में वहां से स्टोन क्रशर को कैसे हटाया गया अब इस बात की जांच की जाएगी. खनिज अधिकारी कहते हैं कि इस बात की जांच की जाएगी और कोई दोषी पाया जाएगा तो उसपर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी.
ग्रामीणों के द्वारा हमें अवैध खनन और गिट्टी के स्टोर किए जाने की शिकायत पूर्व में मिली थी. 17-11-2024 को हमने ग्राम पैनारी में हमने अवैध क्रेशर पर कार्रवाई की थी. उक्त क्रेशर स्थल पर कंसट्रक्शन कंपनी के द्वारा अवैध गिट्टी और मुरुम को जमा किया गया था. हमने इनपर कानूनी कार्रवाई की. 13 लाख से ज्यादा का जुर्माना भी लगाया. अगर इन लोगों ने क्रेशर को कहीं और लगाया है तो उसकी भी जांच कर कार्रवाई की जाएगी: दयानंद तिग्गा, खनिज अधिकारी
शिकायत करने वालों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग: लोगों की शिकायत है कि शासन और विभाग की नाक के नीचे अवैध तरीके से क्रशर चलाया जा रहा था. जो एक गंभीर मामला है. शिकायत करने वालों ने इसपर कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है.
खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा और खनिज अधिकारी आदित्य मानकर ने कहा कि ”मीडिया और कुछ ग्रामीणों के माध्यम से जानकारी मिली है कि सील किए गए क्रेशर को बिना अनुमति हटाया गया है या बेच दिया गया है. यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी जांच की जाएगी. यदि सील किए गए क्रेशर को बिना अनुमति हटाया गया है या बेचा गया है, तो इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.”