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कश्मीर टाइम्स दफ़्तर पर छापा, गोलियाँ बरामद

अखबार का दावा स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने की साजिश

राष्ट्रीय खबर

श्रीनगरः जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने गुरुवार को कश्मीर टाइम्स अख़बार के जम्मू स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान, अख़बार के दफ़्तर से कथित तौर पर एके राइफल के कारतूस, पिस्तौल की गोलियाँ और हैंड ग्रेनेड के पिन बरामद हुए हैं। यह कार्रवाई अख़बार और उसके प्रमोटरों के खिलाफ देश-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप में दर्ज एक मामले के सिलसिले में की गई है। अधिकारियों के अनुसार, एसआईए की टीमों ने कंप्यूटर्स सहित पूरे दफ़्तर की व्यापक तलाशी ली, और आगामी दिनों में अख़बार के प्रमोटरों से पूछताछ किए जाने की संभावना है।

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर सिंह चौधरी ने इस कार्रवाई पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कार्रवाई तभी होनी चाहिए जब कुछ गलत पाया जाए। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कुछ गलत किया है तो एक्शन लिया जाए, लेकिन सिर्फ दबाव बनाने के लिए ऐसा करना गलत होगा।

अख़बार के संपादक अनुराधा भसीन जामवाल और प्रबोध जामवाल ने एक संयुक्त बयान जारी कर इस छापे की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे स्वतंत्र पत्रकारिता को चुप कराने की एक सुनियोजित कोशिश बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि सरकार की आलोचना करना देश-विरोधी होना नहीं है। उनके अनुसार, एक मजबूत और सवाल उठाने वाली प्रेस एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप केवल उन्हें डराने, बदनाम करने और चुप कराने के लिए गढ़े गए हैं, और वे खामोश नहीं होंगे।

उन्होंने इन आरोपों को तत्काल वापस लेने की अपील की और मीडिया साथियों, नागरिक समाज संगठनों और आम नागरिकों से एकजुटता दिखाने का आह्वान किया। बयान में स्पष्ट किया गया कि पत्रकारिता कोई अपराध नहीं है और छापे के बावजूद सच्चाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता बरकरार रहेगी।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता और महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी इस छापेमारी की आलोचना की और इसे बेतुका बताया। उन्होंने कहा कि कश्मीर टाइम्स क्षेत्र के उन चुनिंदा अख़बारों में से एक है जो सत्ता को सच का आईना दिखाता रहा है और धमकी के सामने न झुका है और न ही टूटा है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश-विरोधी गतिविधियों के नाम पर उनके दफ़्तर पर छापा मारना सरासर दादागीरी है, और कश्मीर में सच बोलने वाले हर माध्यम को देश-विरोधी का ठप्पा लगाकर गला घोंटा जा रहा है।