Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
MP Medical College Update: मध्य प्रदेश में खुलेंगे 6 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज, 2028 तक 7450 पहुंच जाएं... Bhind Crime News: भिंड में दूल्हा बनने से पहले गिरफ्तार हुआ 37 लाख की चोरी का इनामी आरोपी बलदेव गोले Supreme Court AI Draft 2026: अदालतों में AI के इस्तेमाल के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया ड्राफ्ट; 2... TMC Crisis 2026: ममता बनर्जी की TMC में सबसे बड़ी बगावत; 58 विधायकों के साथ ऋतब्रत बनर्जी ने ठोका 'अ... Ghaziabad Hotel Death: गाजियाबाद के 'अंश होटल' में फंदे से लटकी मिली युवती की लाश; प्रेमी को पुलिस न... Lords Test: 27 महीने बाद लौटे ऑली रोबिन्सन का महा-कमबैक; पहले ही ओवर में 3 विकेट लेकर मचाया तहलका Karuppu Box Office Collection: 300 करोड़ के क्लब से चंद कदम दूर सूर्या की 'करुप्पु'; अकेले तमिलनाडु ... Russia-Ukraine War: जेलेंस्की ने पुतिन को लिखा खुला पत्र, 'बहुत हुआ युद्ध, स्विट्जरलैंड या तुर्किये ... RBI MPC Meeting 2026: आरबीआई ने घटाया GDP ग्रोथ का अनुमान, FY27 में 6.9% की जगह 6.6% की रफ्तार से बढ... ASUS WiFi 8 Router: आसुस ने लॉन्च किया दुनिया का पहला Wi-Fi 8 राउटर; मिलेगी 30Gbps की सुपरफास्ट स्पी...

सेना पर टिप्पणी वाले मामले में राहुल गांधी का बचाव

मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक बढ़ा दी

  • भारत जोड़ो यात्रा का मुद्दा है यह

  • भारतीय जमीन पर चीनी कब्जा

  • यूपी के व्यक्ति की है यह याचिका

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनकी 2022 की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़े एक मामले में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने वाले अपने अंतरिम आदेश को 4 दिसंबर तक बढ़ा दिया है।

न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने स्थगन के लिए एक पत्र प्रसारित होने का उल्लेख करते हुए मामले की सुनवाई टाल दी। पीठ गांधी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 29 मई के आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने मामले में ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था।

4 अगस्त को गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए, शीर्ष अदालत ने लखनऊ की एक अदालत में लंबित मामले में आगे की कार्यवाही पर अगली सुनवाई की तारीख तक रोक लगा दी थी।

पीठ ने पहले गांधी से उनकी कथित टिप्पणी के बारे में पूछा था कि आपको कैसे पता चला कि 2,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर चीनी सेना का कब्जा हो गया है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है? पीठ ने यह भी कहा था, आप बिना किसी सामग्री के ऐसे बयान क्यों देते हैं? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसी बात नहीं कहेंगे।

इसके बाद शीर्ष अदालत ने गांधी की याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार और मामले में शिकायतकर्ता से जवाब मांगते हुए उन्हें नोटिस जारी किया था। गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया था कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी यदि विपक्ष का नेता मुद्दों को नहीं उठा सकता। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 223 का उल्लेख किया और कहा कि आपराधिक शिकायत पर अदालत द्वारा संज्ञान लेने से पहले आरोपी की पूर्व सुनवाई अनिवार्य है, जो इस मामले में नहीं किया गया था।

शिकायतकर्ता उदय शंकर श्रीवास्तव ने एक अदालत में दायर अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि गांधी ने अपनी दिसंबर 2022 की यात्रा के दौरान चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़पों के संदर्भ में भारतीय सेना के खिलाफ कई अपमानजनक टिप्पणियाँ की थीं। ट्रायल कोर्ट ने गांधी को मानहानि के कथित अपराध के लिए मुकदमे का सामना करने हेतु एक आरोपी के रूप में तलब किया था।

गांधी के अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल ने तर्क दिया था कि शिकायत को पढ़ने मात्र से ही आरोप मनगढ़ंत प्रतीत होते हैं। यह भी तर्क दिया गया था कि गांधी लखनऊ के निवासी नहीं हैं, इसलिए ट्रायल कोर्ट को उन्हें इस शिकायत पर तलब करने से पहले आरोपों की सत्यता की जांच करनी चाहिए थी, और उन्हें तभी तलब किया जाना चाहिए था जब आरोप प्रथम दृष्टया मुकदमे के लिए उपयुक्त पाए जाते।