Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rape Case Verdict: दुष्कर्म मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला, दोषी को 7 साल की कड़ी सजा और ... Bhupinder Hooda on Crime: "हरियाणा में वही सुरक्षित है जिसे कोई मारना नहीं चाहता"—बढ़ते अपराध पर हुड... Haryanvi Singer Harsh Gupta Arrested: हरियाणवी सिंगर हर्ष गुप्ता गिरफ्तार, पुलिस ने इस गंभीर मामले म... High-Tech Fraud: पेमेंट का फर्जी मैसेज दिखाकर लाखों के गहने ले उड़ा ठग, शातिर की तलाश में जुटी पुलिस Rohtak Gangwar: रोहतक में सरेआम गैंगवार, गोगा की 20 से अधिक गोलियां मारकर हत्या, CCTV में कैद हुई खौ... Haryana Vivah Shagun Yojana: हरियाणा में बेटी की शादी के लिए मिलेंगे 71,000 रुपये, जानें क्या है पात... अचानक टैंकर में लगी भीषण आग, जोरदार धमाके (Blast) से दहला इलाका, एक शख्स गंभीर रूप से झुलसा Haryana Drug Crisis: हरियाणा में नशा तस्करी के मामलों में 81% का उछाल, महज 45 दिनों में 29 केस दर्ज;... Anil Vij Accident: हरियाणा के मंत्री अनिल विज के दोनों पैर फ्रैक्चर, बजट सत्र में शामिल होने पर सस्प... हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: सीवरेज और एसटीपी सिस्टम में बदलाव, ठेकेदारों को मिली संचालन और रखरखाव क...

देश में अमावस्या की काली रात से किन राज्यों के लोगों को लगता है डर, जानें इसके पीछे का रहस्य

हिंदू धर्म व ज्योतिष में पूर्णिमा की तरह ही अमावस्या का भी एक विशेष स्थान है. कुछ क्षेत्रों में, खासकर उत्तर भारत में अमावस्या पर स्नान-ध्यान और शुभ कार्य किए जाते हैं. हालांकि, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बहुत से लोग अमावस्या से डरते हैं और उस दिन शुभ कार्य नहीं करते. अमावस्या इतनी डरावनी क्यों होती है? उस दिन क्या होता है? आइए अब इसके आध्यात्मिक महत्व पर एक नजर डालते हैं.

अमावस्या वह दिन है जब चंद्रमा पूरी तरह से दिखाई नहीं देता. चंद्रमा का पृथ्वी पर लगभग कोई प्रभाव नहीं पड़ता. तेलुगु संस्कृति में अमावस्या को अशुभ दिन मानने के कई कारण हैं. ज्योतिष के मुताबिक, अमावस्या के दिन चंद्रमा की ऊर्जा (शीतलता, शांति) बहुत कम होती है. चंद्रमा मन और भावनाओं को प्रभावित करता है. उसकी ऊर्जा में कमी के कारण मन और भावनाओं में अस्थिरता बढ़ सकती है.

अमावस्या को होता है नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव?

ऐसा माना जाता है कि इस दिन नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है. कुछ अदृश्य शक्तियों के प्रबल होने की मान्यता के कारण शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं. शुभ कार्यों के लिए चंद्रमा और तारों की शक्ति की आवश्यकता होती है. चूंकि अमावस्या के दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता इसलिए माना जाता है कि शुभ कार्य नहीं किए जा सकते. अमावस्या के दिन पितृ देवताओं की पूजा और उनकी अर्चना करना अत्यंत महत्वपूर्ण है. यह दिन पितृ के पूजा के लिए होता है इसलिए इस दिन कोई अन्य शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं.

अमावस्या तर्पण और दान करने का दिन

ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार, चंद्रमा की कम ऊर्जा कुछ लोगों में अनिद्रा, टेंशन और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षणों को बढ़ा सकती है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन तर्पण और दान करने से पितृ देवताओं को शांति मिलती है इसलिए इस दिन का उपयोग केवल अमावस्या पूजा या श्राद्ध कर्म के लिए ही किया जाता है. हालांकि ज्योतिषाचार्य लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि अमावस्या डरने का दिन नहीं है बल्कि आध्यात्मिक और स्वास्थ्य दृष्टिकोण से बस थोड़ा सावधान रहने का दिन है.

अमावस्या ज्योतिष में महत्वपूर्ण है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में इसे अशुभ माना जाता है. चंद्रमा की कम ऊर्जा के कारण मन और भावनाओं में अस्थिरता आ सकती है. इस दिन नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव और अदृश्य शक्तियों की मान्यता के कारण शुभ कार्य नहीं किए जाते. अमावस्या पितरों की पूजा, तर्पण और दान का विशेष दिन है। यह डरने का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सतर्कता का दिन है।