राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस फाइल के तथ्यों को लेकर असहज
वाशिंगटनः अमेरिकी कांग्रेस ने हाल ही में जेफरी एप्स्टीन से संबंधित दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने के लिए एप्स्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट नामक एक विधेयक सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। यह कदम लंबे समय से प्रतीक्षित था और इसका उद्देश्य दिवंगत दोषी यौन अपराधी जेफरी एप्स्टीन के व्यापक नेटवर्क और उससे जुड़े उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों के संबंध में पारदर्शिता लाना है। हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा 427-1 के भारी बहुमत से पारित होने के बाद सीनेट ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है, जिसके बाद इसे कानून बनने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया है।
ये एप्स्टीन फाइल्स अदालत के रिकॉर्ड, ईमेल, गवाहों के बयानों और अन्य सरकारी दस्तावेज़ों का एक संग्रह है, जो एप्स्टीन के यौन दुराचार और मानव तस्करी के रैकेट की जाँच से संबंधित हैं। इन दस्तावेज़ों में शक्तिशाली राजनेताओं, व्यापारिक दिग्गजों, हॉलीवुड हस्तियों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों सहित उन प्रभावशाली व्यक्तियों के नाम सामने आने की उम्मीद है, जिन्होंने या तो एप्स्टीन के अपराधों में सहयोग किया या उनसे लाभ उठाया। इस विधेयक के माध्यम से न्याय विभाग को इन दस्तावेज़ों को जारी करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जिससे एप्स्टीन के पीड़ितों को न्याय मिलने और जनता के विश्वास को बहाल करने में मदद मिलेगी।
इस विधेयक के पारित होने से न केवल संयुक्त राज्य अमेरिका में, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल मच गई है, क्योंकि एप्स्टीन के कथित अपराधों का जाल वैश्विक था। पूर्व ट्रेजरी सचिव लैरी समर्स जैसे कुछ उच्च-प्रोफाइल व्यक्तियों ने तो इन दस्तावेज़ों के सामने आने की आशंका के चलते अपनी भूमिकाओं से इस्तीफा भी दे दिया है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर शक्तिशाली व्यक्तियों की जवाबदेही और न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता के महत्व पर ध्यान केंद्रित किया है। पीड़ितों के समूह और नागरिक अधिकार संगठन इस पारदर्शिता को न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि इन फाइलों के जारी होने से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भूचाल आ सकता है और कई लोगों की प्रतिष्ठा हमेशा के लिए धूमिल हो सकती है। यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि सत्ता और विशेषाधिकार की आड़ में किए गए अपराधों पर अंततः पर्दाफाश हो सकता है।