कर्नाटक सरकार ने परिजनों के लिए मुआवजा की घोषणा की
राष्ट्रीय खबर
बेंगलुरुः कर्नाटक सरकार ने राज्य में आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली मौतों के मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि आवारा कुत्तों के काटने से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों को ₹5 लाख का मुआवजा दिया जाएगा। यह फैसला राज्य में आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी और उनके हिंसक हमलों के कारण हो रही त्रासदियों के मद्देनजर लिया गया है।
यह मुआवजा राशि उन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी जिन्होंने अपने किसी सदस्य को आवारा कुत्तों के जानलेवा हमले में खो दिया है। सरकार का यह कदम जनता के बीच बढ़ते आक्रोश और आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर सार्वजनिक सुरक्षा की चिंता को दर्शाता है। पशुपालन विभाग और स्थानीय निकायों को निर्देश दिया गया है कि वे इस योजना को जल्द से जल्द लागू करें और मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाएं।
हालांकि, मुआवजे की घोषणा के साथ ही सरकार ने आवारा कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक योजना भी शुरू की है। इसमें बड़े पैमाने पर पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम चलाना, कुत्तों के टीकाकरण को बढ़ाना और घायल या बीमार आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थलों का निर्माण करना शामिल है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि एबीसी कार्यक्रम पूरी ईमानदारी और वैज्ञानिक तरीके से चलाया जाए ताकि मानवीय तरीके से कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
यह मुद्दा केवल स्वास्थ्य और सुरक्षा का नहीं है, बल्कि पशु कल्याण और सार्वजनिक नीति के बीच संतुलन का भी है। सरकार के इस फैसले का पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं आई हैं। जहां एक ओर लोग मुआवजे की घोषणा का स्वागत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पशु अधिकार समूह एबीसी कार्यक्रमों को और अधिक सख्ती से लागू करने और कुत्तों के प्रति क्रूरता को रोकने पर जोर दे रहे हैं। सरकार ने कहा है कि वह इस समस्या के दीर्घकालिक समाधान के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर काम करेगी।