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IPL 2026 से पहले RCB में बड़ा बदलाव? चौंकाने वाली रिपोर्ट में खुलासा, टीम को मिल सकता है नया मालिक

साल 2025 चैंपियन टीम रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू को आईपीएल 2026 का एडिशन शुरू होने से पहले नया मालिक मिल सकता है. इसका मतलब है देश की सबसे बड़ी शराब कंपनी यूएनएल ने अपनी स्पोर्ट्स यूनिट को बेचने की पूरी तैयारी कर ली है. रिपोर्ट के अनुसार यूनाइटेड स्पिरिट्स अपने क्रिकेट फ्रैंचाइजी बिजनेस की समीक्षा कर रही है. इस कदम से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) टीमों की सेल या स्ट्रैटीजिक रीस्ट्रक्चर हो सकता है. भारत की सबसे बड़ी शराब कंपनी ने बुधवार को एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कहा कि रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (RCSPL) – जो इंडियन प्रीमियर लीग और महिला प्रीमियर लीग में RCB टीमों का मालिक है की समीक्षा अगले साल मार्च तक पूरी होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि अगले साल आईपीएल का नया सीजन शुरू होने से आरसीबी को नया मालिक मिल सकता है.

अपने पोर्टफोलिया का रिव्यू कर रहा USL

यूनाइटेड स्पिरिट्स के एमडी प्रवीण सोमेश्वर ने कहा कि RCSPL, USL के लिए एक मूल्यवान और रणनीतिक संपत्ति रही है. हालांकि, यह हमारे एल्कोबेव बिजनेस के लिए ये नॉन-कोर कारोबार है. उन्होंने आगे कहा कि यह कदम USL और डियाजियो की अपने भारतीय उद्यम पोर्टफोलियो की समीक्षा जारी रखने की प्रतिबद्धता को पुष्ट करता है ताकि RCSPL के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए, अपने सभी हितधारकों को लॉन्गटर्म वैल्यू दिया जा सके. ग्लोबल इंवेस्टमेंट बैंक हुलिहान लोकी के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में, पहली बार चैम्पियनशिप जीतने के बाद, मूल आईपीएल फ्रेंचाइजी में से एक, आरसीबी को लगभग 269 मिलियन डॉलर के साथ, सबसे मूल्यवान माना गया था.

USL क्यों छोड़ना चाहती है आरसीअी?

विश्लेषकों ने कहा कि कंपनी के पास कारोबार से बाहर निकलने से लेकर नई साझेदारी व्यवस्था अपनाने तक के विकल्प हैं. ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के कार्यकारी निदेशक अबनीश रॉय ने कहा कि हमारा मानना ​​है कि फ्रेंचाइजी के बिकने की प्रबल संभावना है. नुवामा के रॉय ने कहा कि ग्लोबल कंज्यूमर कंपनियां बायबैक के लिए धन जुटाने या बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए नॉन-कोर असेट्स का तेजी से मॉनेटाइजेशन कर रही हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया भर में कोई भी अन्य बड़ी अल्कोहल पेय कंपनी स्पोर्ट्स फ्रैंचाइजी की मालिक नहीं है.

उनकी पसंदीदा ब्रांड विजिबिलिटी मीडिया स्पॉट, स्पांसर्स या सरोगेट विज्ञापन से आती है. आरसीबी की स्थापना 2008 में हुई थी, जब यूएसएल के तत्कालीन अध्यक्ष विजय माल्या ने आईपीएल की बेंगलुरु फ्रैंचाइजी 111.6 मिलियन डॉलर में हासिल की थी, जो उस नीलामी में दूसरी सबसे ऊंची बोली थी. माल्या के जाने के बाद, पिछले कुछ वर्षों में डियाजियो ने यूएसएल और आरसीबी फ्रैंचाइजी का पूरा कंट्रोल अपने हाथों में ले लिया था.

बेचे थे 32 ब्रांड

2021 में, यूएसएल ने चुनिंदा लोकप्रिय ब्रांडों की रणनीतिक समीक्षा शुरू की थी और एक साल बाद हेवर्ड्स, ओल्ड टैवर्न, व्हाइट-मिसचीफ, हनी बी, ग्रीन लेबल और रोमानोव सहित लगभग 32 बड़े ब्रांड सिंगापुर स्थित इनब्रू को 820 करोड़ रुपये में बेच दिए थे. विश्लेषकों का कहना है कि क्रिकेट फ्रैंचाइजी व्यवसाय खेल निवेशकों और पीई फर्मों की रुचि को आकर्षित कर सकता है, जो भारत की तेजी से बढ़ती क्रिकेट इकोनॉमी में निवेश करना चाहते हैं.

कई लेवल पर लेनी होगी मंजूरी

इस इकोनॉमी का वैल्यूएशन कई अरब डॉलर है और नए मीडिया राइट डील और लीग फॉर्मेट के साथ इसका विस्तार जारी है. उन्होंने कहा कि अगर व्यवसाय बेचा जाता है और एक स्वतंत्र कॉर्पोरेट यूनिट के रूप में काम करना शुरू करता है, तो डिविडेंड माइनोरिटी इंवेस्टर्स और मूल कंपनी सहित सभी शेयर होल्डर्स को समानुपातिक रूप से वितरित किया जाएगा. नुवामा के रॉय ने कहा कि किसी भी लेनदेन को पूरा करने के लिए कई स्तरों की मंजूरी की आवश्यकता होगी. अगर कोई विदेशी इसे खरीदने की इच्छा जाहिर करता है तो इसके लिए बीसीसीआई (जो आईपीएल और डब्ल्यूपीएल का मालिक है), रेगुलेटर्स, और संभावित रूप से एफडीआई/फेमा मंजूरी से मंजूरी लेनी होगी.