Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेलीफिश बुढ़ापे के बाद बच्चा कैसे बन जाती है मेघालय में खूनी संघर्ष! GHADC चुनाव के दौरान भारी हिंसा, पुलिस फायरिंग में 2 की मौत; सेना ने संभाला ... CBI का अपने ही 'घर' में छापा! घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया अपना ही बड़ा अफसर; 'जीरो टॉलरेंस' नीति के ... Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले—... Bengal LPG Crisis: सीएम ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, घरेलू गैस की सप्लाई के लिए SOP बनाने का निर्देश; ... नोएडा के उद्योगों पर 'गैस संकट' की मार! फैक्ट्रियों में लगने लगे ताले, संचालकों ने खड़े किए हाथ; बोल... Just Married! कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने रचाई शादी; बिना किसी शोर-शराबे के लिए सात फेरे, देखें कपल... Lok Sabha News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सदन में ध्वनिमत से... होमुर्ज की टेंशन खत्म! भारत ने खोजा तेल आपूर्ति का नया 'सीक्रेट' रास्ता; अब खाड़ी देशों के बजाय यहाँ... Temple LPG Crisis: देश के बड़े मंदिरों में भोग-प्रसाद पर संकट, एलपीजी की किल्लत से थमी भंडारों की रफ...

वंदे मातरम् के 150 साल! देशभर में जश्न की तैयारी के बीच शुरू हुआ सियासी विवाद, कुछ हिस्सों में होने लगा विरोध

देश में वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर बीजेपी ने देशभर में उत्सव अभियान की है. इसके साथ ही कई राज्यों में स्कूलों में वंदे मातरम् को लेकर आयोजन करने का आदेश दिया है. हालांकि सरकार के इस फैसले का अब एक धड़ा विरोध कर रहा है. मुत्ताहिदा मजलिस-ए-उलेमा (MMU) के मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि वंदे मातरम् गाना या उसका पाठ करना इस्लाम के मुताबिक गैर-इस्लामी है. यही वजह है कि इस विरोध की चर्चा अब पूरे देश में होने लगी है.

जम्मू-कश्मीर में वंदे मातरम् को लेकर विरोध प्रशासन के उस आदेश के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि सभी स्कूलों में 7 नवंबर को ‘वंदे मातरम् ‘ के 150 साल पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएं. आदेश में अनिवार्य तौर पर कार्यक्रम आयोजित करने के आदेश दिए गए थे. इस मामले पर MMU ने जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल से ठोस कदम उठाने की भी मांग की है.

सरकार आदेश पर MMU ने क्या कहा?

प्रशासन की तरफ से आदेश जारी होने के बाद से ही जम्मू-कश्मीर में इसका विरोध देखने को मिला है. MMU का कहना है कि इस तरह के आदेश के कारण लोगों को दुख पहुंचा है. MMU ने इस आदेश को वापस लेने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और राज्यपाल मनोज सिन्हा से भी अपील की है. इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इस तरह का आदेश वापस नहीं लिया जाता है, तो जम्मू- कश्मीर के सभी धार्मिक नेता बैठक करेंगे.

प्रशासन इस तरह के आयोजन के जरिए मुस्लिम बहुल क्षेत्र ने हिंदू प्रेरित विचारधारा थोपने का प्रयास किया जा रहा है. यह पूरी तरह से गलत है. मुस्लिम छात्रों या संस्थानों को ऐसे आयोजनों में शामिल करने के लिए मजबूर करना, जो उनके धार्मिक विश्वास के खिलाफ है.

केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर को लिया उत्सव मनाने का निर्णय

केंद्र सरकार की तरफ से 1 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर पूरे देश में उत्सव मनाने का फैसला किया था. बीजेपी ने इसे राष्ट्र एकता का उत्सव नाम दिया है, जिसके अंतर्गत सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित कराई जाएंगी. इन आयोजनों के माध्यम से राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा.