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सोनाखान के जंगल में अवैध कटाई, ठूंठ बता रहे लूट की कहानी, अफसर बोले करेंगे कार्रवाई

बलौदाबाजार : छत्तीसगढ़ का बलौदाबाजार जिला एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालों के घेरे में है. सोनाखान वन परिक्षेत्र के झालपानी और पठियापाली बीट के जंगलों में अवैध कटाई का मामला सामने आया है. इस क्षेत्र में बेशकीमती पेड़ हैं. इस वनपरिक्षेत्र में सागौन, बीजा, साजा, हल्दू और दूसरी इमारती लकड़ियों के पेड़ हैं. यही वजह है कि इस क्षेत्र में लकड़ी तस्करों की सक्रियता बढ़ गई है. वनविभाग इस क्षेत्र में गश्त करने का दावा करता है.लेकिन जब ईटीवी भारत की टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि कई पेड़ों की कटाई हो चुकी है.जिसकी गवाही ठूंठ दे रहे हैं.

नहीं हुआ जंगल का निरीक्षण : ETV भारत की टीम ने जब सोनाखान रेंज के झालपानी और पठियापाली बीट का दौरा किया, तो कई जगहों पर पेड़ों ठूंठ दिखाई दिए. कुछ ठूंठों पर ना तो वन विभाग के निशान थे और ना ही पेड़ कटाई के बारे में किसी तरह की जानकारी. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रात में ट्रैक्टर या पिकअप वाहन जंगल की ओर जाते हैं.

वनकर्मियों ने बताया हाथियों का डर : इस बारे में जब वन कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने जंगल के अंदर हाथियों की मौजूदगी का खतरा बताया. वनकर्मियों की माने तो सोनाखान रेंज में पिछले कुछ महीनों से हाथियों का दल घूम रहा है, जिसके कारण अंदरूनी क्षेत्रों में जाना मुश्किल है. लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि हाथियों के डर से वन कर्मचारी नहीं जा रहे तो लकड़ी तस्कर अंदर कैसे घूम रहे.

वनकर्मियों ने बताया हाथियों का डर : इस बारे में जब वन कर्मचारियों से पूछा गया तो उन्होंने जंगल के अंदर हाथियों की मौजूदगी का खतरा बताया. वनकर्मियों की माने तो सोनाखान रेंज में पिछले कुछ महीनों से हाथियों का दल घूम रहा है, जिसके कारण अंदरूनी क्षेत्रों में जाना मुश्किल है. लेकिन सवाल यह उठता है कि यदि हाथियों के डर से वन कर्मचारी नहीं जा रहे तो लकड़ी तस्कर अंदर कैसे घूम रहे.

जब इस अवैध कटाई के वीडियो और तस्वीरें बलौदाबाजार वनमंडल के DFO गणवीर धम्मशील को दिखाईं, तो उन्होंने तत्काल जांच के आदेश दिए. DFO गणवीर धम्मशील ने कहा कि अभी आपके माध्यम से पता चला है.

निगरानी दल कर रहा है गश्ती : डीएफओ ने बताया कि हमारे जितने भी बीट हैं, कंपार्टमेंट है, जो हमारे वन क्षेत्र मे हैं वहां सघन गश्ती के रूप में निगरानी कर रहे हैं. तार, फंदा या कोई इलेक्ट्रिक करेंट लगा तार उसके माध्यम से शिकार ना हो उसके लिए निगरानी दल गठित करके गश्ती कर रहे हैं.गणवीर धम्मशील ने कहा कि सोनाखान क्षेत्र संवेदनशील है और यहां लगातार निगरानी की जरूरत है.हमारी कोशिश है कि जहां भी इस तरह की अवैध कटाई की सूचना मिले, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए.इसके लिए स्थानीय टीम को सतर्क किया गया है.

पांच रेंज पर भी सवाल : सोनाखान रेंज में अवैध कटाई का मामला भले अभी उजागर हुआ हो, लेकिन सवाल उठ रहा है कि क्या बलौदाबाजार वनमंडल के बाकी रेंजों की भी यही स्थिति है. बलौदाबाजार डिवीजन में कुल छह रेंज हैं. जिनमें सोनाखान, लाट, कसडोल, बलौदाबाजार, कोटमी और बारनवापारा हैं. यदि सोनाखान जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बड़े स्तर की तस्करी हो रही है तो यकीकन दूसरे रेंज की सुरक्षा पर भी सवाल उठेंगे. कई जगह गश्त सीमित है और रिपोर्टिंग सतही स्तर पर हो रही है. ईटीवी भारत के खुलासे के बाद अब DFO ने सभी रेंज अधिकारियों से साप्ताहिक निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है.