विधानसभा चुनाव में राजद नेता का नया नारा
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शिंदे जैसा हाल होगा नीतीश का
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हमारे पास योजनाओँ का ब्लूप्रिंट है
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चुनाव के बाद जदयू का खात्मा तय है
राष्ट्रीय खबर
पटना: इंडिया ब्लॉक के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और औद्योगिक विकास पर केंद्रित व्यापक दृष्टिकोण पेश करते हुए बिहार को देश का नंबर वन राज्य बनाने का संकल्प लिया है। एक साक्षात्कार में यादव ने अपने रोजगार के वादे की आलोचना को खारिज करते हुए कहा कि जो लोग कभी उनके 10 लाख नौकरियों के वादे को असंभव बताते थे, वे अब एक करोड़ नौकरियां पैदा करने की बात कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पहले ही एक खाका (ब्लूप्रिंट) तैयार कर लिया है, जिसके तहत बिहार के उन हर घर को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी, जिसमें फिलहाल कोई सरकारी नौकरी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बार-बार लगाए जाने वाले जंगल राज के आरोपों को खारिज करते हुए यादव ने इसे राजद के राजनीतिक विरोधियों का प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि, सच्ची श्रेष्ठता व्यक्ति के कर्मों से आती है, न कि जन्म से।
उन्होंने आगे कहा कि राजद का समर्थन आधार केवल यादवों और मुसलमानों तक सीमित नहीं है। यादव ने कहा कि, राजद हमेशा से समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक समावेशी पार्टी रही है, न कि केवल मुस्लिम-यादव आधार की। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी सही मायने में सभी की है।
यादव ने कहा कि उनका लक्ष्य एक ऐसा बिहार बनाना है जहाँ किसी को भी काम या पढ़ाई के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने कहा, बिहार की जनता बदलाव चाहती है और हमें हर जगह शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। अपने नौकरी के वादे की व्यावहारिकता के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, मेरी उम्र भले ही कम हो, लेकिन मेरा वादा परिपक्व है।
यादव ने एनडीए पर बिहार के विकास के लिए दूरदर्शिता और रोड मैप दोनों की कमी का आरोप लगाया, और यह भी कहा कि भाजपा का औद्योगिक ध्यान केवल गुजरात तक ही सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि, फिलहाल नीतीश कुमार सिर्फ एक कठपुतली बनकर रह गए हैं। सरकार भाजपा चला रही है उनकी मौजूदा स्थिति को देखते हुए हमें नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति भी है। 2025 के चुनावों के बाद जद (यू) का अस्तित्व नहीं बचेगा।
उन्होंने आगे कहा, अमित शाह जी और भाजपा को यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि नीतीश कुमार अब फिर से मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। यह बिल्कुल स्पष्ट है। उनका भी वही हश्र होगा जो एकनाथ शिंदे जी का हुआ था। अपने बड़े भाई की पार्टी, जनशक्ति जनता दल द्वारा राजद के खिलाफ उम्मीदवार खड़े करने, यहाँ तक कि उनके अपने राघोपुर निर्वाचन क्षेत्र में भी उम्मीदवार उतारने पर, यादव ने जवाब दिया, यह ठीक है। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी पार्टी बनाने और चुनाव लड़ने का अधिकार है। हाँ, अगर जो हुआ वह नहीं होता तो कहीं बेहतर होता, लेकिन यह हकीकत है, और हमें इसे स्वीकार करना होगा।