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विश्व शहर दिवस में स्मार्ट शहर पर ज़ोर

अब विकास की थीम जनता पर अधिक केंद्रित

बोगोटाः प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को मनाया जाने वाला विश्व शहर दिवस इस साल कोलंबिया के बोगोटा में जन-केंद्रित स्मार्ट शहर की थीम के साथ आयोजित किया गया। इस वैश्विक अभियान का उद्देश्य तेज़ी से बढ़ते शहरीकरण से जुड़ी चुनौतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक समावेशी तथा टिकाऊ शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास द्वारा संचालित अर्बन अक्टूबर अभियान के समापन के रूप में यह दिवस मनाना एक महत्वपूर्ण कदम है। 2025 की थीम इस बात पर ज़ोर देती है कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग केवल तकनीकी उन्नति के लिए नहीं, बल्कि मानव कल्याण और शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाना चाहिए।

इसका अर्थ है कि स्मार्ट सिटी पहलों को नागरिकों की जरूरतों, पहुँच और समानता को प्राथमिकता देनी चाहिए। कोविड-19 महामारी और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों ने शहरी लचीलेपन के महत्व को और भी अधिक बढ़ा दिया है। इस दिवस पर, दुनिया भर के शहरी योजनाकार, नीति निर्माता और नागरिक समाज के सदस्य एक साथ आए और ऐसे समाधानों पर विचार किया जो शहरों को सुरक्षित, हरित और सभी के लिए रहने योग्य बना सकें।

मुख्य चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि कैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), बड़े डेटा और अन्य स्मार्ट तकनीकें बेहतर परिवहन, आवास, सुरक्षा और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद कर सकती हैं। भारत में, जहाँ शहरी आबादी तेज़ी से बढ़ रही है, जन-केंद्रित स्मार्ट शहर की अवधारणा विशेष रूप से प्रासंगिक है। सरकार की स्मार्ट सिटी मिशन पहल को इस वैश्विक दृष्टिकोण के साथ जोड़ना नागरिकों के लिए एक बेहतर भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। इस दिवस ने यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य के शहरों को न केवल तकनीकी रूप से उन्नत होना चाहिए, बल्कि सामाजिक रूप से भी समावेशी और टिकाऊ होना चाहिए।