Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Census 2027 India Update: जनगणना 2027 की तैयारी अंतिम दौर में; 1 अप्रैल से शुरू होगा पहला चरण, जाति ... पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार का नाम SIR लिस्ट से गायब; कलकत्ता हाई कोर्ट ने कहा- अब सीधे सुप्... LPG Crisis in India Update: संकट के बीच भारत पहुंच रहे LPG के दो विशाल जहाज; लदा है 94,000 टन गैस, म... Delhi-Agra Highway Accident: दिल्ली-आगरा हाईवे पर रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा; पुल की रेलिंग तोड़... Mumbai Dabbawala Service Closed: मुंबई में 6 दिन नहीं पहुंचेगा टिफिन; 4 अप्रैल तक डब्बेवालों की सर्व... 'घर में अकेली थी किशोरी, अंदर घुसे ASI और...'; पुलिस अधिकारी पर गंभीर आरोप, जांच शुरू Delhi-NCR Rain Update Today: दिल्ली-NCR में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश; 14 राज्यों में मौसम का अलर... Bhopal Hotel Owner Murder News: भोपाल में 'बेटा' कहने पर भड़का युवक; होटल मालिक की चाकू से गोदकर बेर... Sonia Gandhi Court Case Update: सोनिया गांधी से जुड़े 50 साल पुराने केस पर कोर्ट की टिप्पणी; 'आधी सद... Indian Rupee Value Today 2026: रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर! डॉलर के मुकाबले ₹95 के पार, करेंसी...

राष्ट्रीय पर्व के समान ‘एकता दिवस’: पीएम मोदी ने सरदार पटेल जयंती पर बताया 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसा महत्व

देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर गुजरात के केवडिया में एकता दिवस परेड का आयोजन किया गया. इस दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि एकता दिवस का महत्व 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसा ही है. आज हम एक ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बन रहे हैं. परेड के दौरान 26 जनवरी जैसी ही झांकियां निकाली गई.

पीएम मोदी ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की एकता की नींव रखी. उन्होंने छोटे-छोटे स्वतंत्र प्रांतों तो जोड़कर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण किया. उनका ये योगदान हर भारतवासी के लिए एक प्रेरणा है. उनके लिए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का विज़न सर्वोपरि था.

पीएम मोदी ने कहा कि आज करोड़ों लोगों ने एकता की शपथ ली. हमने संकल्प लिया है कि हम ऐसे कार्यों को बढ़ावा देंगे जो राष्ट्र की एकता को मजबूत करें. हर नागरिक को ऐसे हर विचार या कार्य का त्याग करना चाहिए, जो हमारे राष्ट्र की एकता को कमजोर करता हो. यह हमारे देश के लिए समय की मांग है.”

क्या है सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि?

पीएम मोदी ने कहा कि हर ऐसी बात जो देश की एकता को कमजोर करती है. हर देशवासी को उससे दूर रहना है. ये राष्ट्रीय कर्तव्य है, ये सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि है. यही आज देश की जरूरत है. यही आज एकता दिवस का हर भारतीय के लिए संदेश भी है, संकल्प भी है.

आगे कहा कि सरदार साहब ने देश की संप्रभुता को सबसे ऊपर रखा,लेकिन दुर्भाग्य से सरदार साहब के निधन के बाद के वर्षों में देश की संप्रभुता को लेकर तब की सरकारों में उतनी गंभीरता नहीं रही. एक ओर कश्मीर में हुई गलतियां, दूसरी ओर पूर्वोत्तर में पैदा हुई समस्याएं और देश में जगह-जगह पनपा नक्सलवाद-माओवादी आतंक , ये देश की संप्रभुता को सीधी चुनौतियां थी.

नेहरू ने नहीं होने दी सरदार साहब की इच्छा- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि सरदार साहब चाहते थे कि जैसे उन्होंने बाकी रियासतों का विलय किया, वैसे ही ओर कश्मीर का विलय हो. लेकिन, नेहरू जी ने उनकी वो इच्छा पूरी नहीं होने दी. कश्मीर को अलग संविधान और अलग निशान से बांट दिया गया. कश्मीर पर कांग्रेस ने जो गलती की थी, उसकी आग में देश दशकों तक जलता रहा. लेकिन, उस समय की सरकारों ने सरदार साहब को नीतियों पर चलने की जगह रीढ़विहीन रवैये को चुना. इसका परिणाम देश ने हिंसा और रक्तपात के रूप में झेला है.

आगे कहा कांग्रेस की लचर नीतियों के कारण कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के अवैध कब्जे में चला गया. पाकिस्तान ने आतंकवाद को हवा दी, state sponsored terrorism की कश्मीर और देश को बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है. लेकिन, फिर भी कांग्रेस हमेशा आतंकवाद के आगे नतमस्तक रही है.

घुसपैठिए देश की सुरक्षा के लिए खतरा- मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज देश की एकता और आंतरिक सुरक्षा को बहुत बड़ा खतरा घुसपैठियों से भी है. देश के भीतर दशकों से विदेशी घुसपैठिए आते रहे, वो देश के संसाधनों पर कब्जा करते रहे, डेमोग्राफी का संतुलन बिगाड़ते रहे, देश की एकता दांव पर लगाते रहे हैं, लेकिन पुरानी सरकारें इतनी बड़ी समस्या पर आंखें मूंदे रही. वोटबैंक की राजनीति के लिए राष्ट्र की सुरक्षा को जान-बूझकर खतरे में डाल दिया.

आगे कहा कि अब देश ने पहली बार इस बड़े खतरे के खिलाफ भी निर्णायक लड़ाई लड़ने की ठानी है. लाल किले से मैंने डेमोग्राफी मिशन का ऐलान किया है, लेकिन आज जब हम इस विषय को गंभीरता से उठा रहे हैं, तो कुछ देशहित से ज्यादा आने स्वार्थ को ऊपर रख रहे हैं. ये लोग घुसपैठियों को अधिकार दिलाने के लिए राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि इनको लगता है कि देश एक बार टूट गया, आगे भी टूटता रहे , इनको कोई फर्क नहीं पड़ता है. जबकि, सच्चाई ये है कि अगर देश की सुरक्षा और पहचान खतरे में आएगी, तो हर व्यक्ति खतरे में आएगा. इसलिए हमें आज राष्ट्रीय एकता दिवस पर संकल्प लेना है कि हम भारत में रह रहे हर घुसपैठिए को बाहर निकालकर ही रहेंगे.