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मिसाइल और ड्रोन हमले और बढ़ गये

अमेरिका और पश्चिमी देशों के टैरिफ का उल्टा असर

कीवः यूक्रेन में एक बार फिर रूसी सेना द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिसने देश की रक्षा क्षमताओं और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह (स्थानीय समयानुसार) रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और खारकीव सहित कई अन्य शहरों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और कामिकेज़ ड्रोन से लगातार हमले किए।

इन हमलों के परिणामस्वरूप, यूक्रेन के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कम से कम चार नागरिक मारे गए हैं और लगभग बीस लोग घायल हुए हैं। हताहतों की वास्तविक संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है क्योंकि बचाव दल अभी भी मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि हमलों का मुख्य लक्ष्य ऊर्जा अवसंरचना और गैर-आवासीय इमारतें थीं, हालाँकि रिहायशी इलाकों को भी भारी नुकसान पहुँचा है। कीव के मेयर ने जानकारी दी कि मिसाइल के टुकड़े गिरने से कई इमारतों की खिड़कियाँ टूट गईं और कई स्थानों पर आग लग गई।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इन हमलों के बाद पश्चिमी देशों से एक बार फिर वायु रक्षा प्रणालियों की तत्काल आपूर्ति बढ़ाने की भावनात्मक अपील की है। उन्होंने जोर दिया है कि रूस के लगातार हमलों से निपटने के लिए यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों और अधिक उन्नत वायु रक्षा उपकरणों की सख्त जरूरत है। ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस जानबूझकर नागरिक क्षेत्रों को निशाना बना रहा है ताकि यूक्रेन के लोगों के मनोबल को तोड़ा जा सके।

जवाब में, यूरोपीय संघ और अमेरिका ने रूस पर और अधिक कड़े प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है, जबकि नाटो सहयोगी यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता भेजने पर विचार कर रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब सर्दी का मौसम करीब है, और आशंका है कि रूस एक बार फिर ऊर्जा नेटवर्क को निशाना बनाकर यूक्रेन में बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा करने की कोशिश कर सकता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में इन हमलों को लेकर कड़ी निंदा हुई है, और इसे युद्ध अपराधों की श्रेणी में शामिल करने की माँग जोर पकड़ रही है। यूक्रेन का दावा है कि उसने कई रूसी मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया है, लेकिन उसकी मौजूदा रक्षात्मक क्षमताएँ सभी खतरों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।