उत्तर बंगाल में भीषण बाढ़ में वन्यजीव भी बह गये
राष्ट्रीय खबर
शिलिगुड़ीः उत्तर बंगाल में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश और उसके बाद आई विनाशकारी बाढ़ से भले ही संकट के बादल सोमवार से छंटने लगे हों और सूरज दिखाई देने लगा हो, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का आकलन अब सामने आ रहा है। एक तरफ जहाँ पहाड़ी क्षेत्रों में कम से कम 20 लोगों की दुखद मौत की पुष्टि हुई है, वहीं दूसरी ओर वन्यजीवों पर भी इस आपदा का गंभीर असर पड़ा है।
इसी बीच, कूचबिहार जिले से एक हृदयस्पर्शी खबर सामने आई है, जहाँ स्थानीय निवासियों की सतर्कता के कारण एक वन्यजीव की जान बचाई जा सकी। कूचबिहार के राजारहाट इलाके में तोरसा नदी से सोमवार को एक वयस्क सोना या बार्किंग हिरण को सुरक्षित बरामद किया गया। यह घटना बाढ़ के कारण नदी में बहकर आए एक गैंडे के शव मिलने के कुछ दिनों बाद हुई है, जिससे क्षेत्र के वन्यजीवों पर खतरे की गंभीरता उजागर होती है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर को राजारहाट इलाके में तोरसा नदी से सटे क्षेत्र के कुछ लोगों ने एक हिरण को पानी में तैरते हुए संघर्ष करते देखा। बिना देर किए, ग्रामीणों ने तुरंत कार्रवाई की और सफलतापूर्वक हिरण को नदी से बाहर निकालकर उसकी जान बचाई।
इस उपलब्धि के बाद, ग्रामीणों ने तुरंत पुंडीबारी पुलिस स्टेशन को घटना की सूचना दी। पुलिस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग के कार्यालय को सूचित किया। जल्द ही, वनकर्मी मौके पर पहुंचे और वन्यजीव को अपने साथ ले गए।
कूचबिहार के डीएफओ बिजन नाथ ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, हमें पुंडीबारी पुलिस स्टेशन से सूचना मिली थी कि कूचबिहार-2 ब्लॉक के राजारहाट से सटे तोरसा नदी क्षेत्र से स्थानीय लोगों ने एक हिरण को बरामद किया है। उन्होंने बताया कि हिरण का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है और फिलहाल यह वन कार्यालय के संरक्षण में है। अधिकारी ने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य ठीक होते ही हिरण को जल्द ही उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।