बिहार के एसआईआर की असलियत सामने आयी
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः अब चुनाव आयोग अथवा गोदी मीडिया के चुप होना जाना चाहिए। यह बात इसलिए सत्य है क्योंकि बिहार के एसआईआर को जायज ठहराने का सारा खेल ही खत्म हो गया है। इससे पहले सिर्फ सामाजिक कार्यकर्ता और विश्लेषणक योगेंद्र यादव ने दो ऐसे लोगों को सुप्रीम कोर्ट में खड़ा कर दिया, जिन्हें चुनाव आयोग ने मृत घोषित कर दिया है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने बिहार से आये एक दर्जन से अधिक ऐसे लोगों के साथ चाय पी, जो इसी किस्म की मृतक वोटर सूची में आ गये थे।
देखें राहुल गांधी का वह वीडियो
राहुल गांधी ने अपने साथ बैठे लोगों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली और वहां मौजूद लोगों ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए यह भी बता दिया कि दरअसल यह सारा खेल तेजस्वी यादव को चुनावी दौड़ से बाहर करने की साजिश है। राहुल से मिलने वाले सिर्फ तीन चार बूथ के ही लोग थे जबकि यह बताया गया कि ऐसा खेल पूरे विधानसभा क्षेत्र में किया गया है। एक व्यक्ति ने बताया कि बीएलओ के यहां दस्तावेज जमा करने के बाद भी मसौदा सूची में उसे मृत घोषित कर दिया गया है।
राहुल गांधी ने खुद इस मुलाकात का वीडियो शेयर कर सुप्रीम कोर्ट को यह बता दिया है कि दरअसल बिहार में मतदाता सूची सुधारने के नाम पर क्या खेल चल रहा है। जैसे कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस बारे में हिदायत दे चुका है। इसलिए माना जा सकता है कि बिहार के एसआईआर की प्रक्रिया को जायज ठहराने का खेल अब बंद हो जाएगा और उन मीडिया घरानों के मुंह पर भी ताले लग जाएंगे, जो लगातार मुद्दों को भटकाने की साजिशों में खुलकर भाग ले रहे है।