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भारत के डीआईए प्रमुख दौरे पर पहुंचे

म्यांमार सीमा पर उग्रवादी शिविर पर ड्रोन हमले की अपुष्ट जानकारी

  • जुंटा सरकार से अन्य मुद्दों पर चर्चा की
  • सीमा पर सुरक्षा के मुद्दे पर बैठक हुई
  • पूर्वी कमान के प्रमुख नागालैंड दौरे पर

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटीः भारत के डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (डीआईए) के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल श्रंजय प्रताप सिंह ने म्यांमार का आधिकारिक दौरा किया। यह दौरा नागालैंड से सटी म्यांमार सीमा में उग्रवादी कैंप पर हुई ड्रोन स्ट्राइक की खबरों के बीच हुआ है।

डीआईए चीफ ने म्यांमार सेना के उप-प्रमुख से मुलाकात कर सीमा पर शांति, स्थिरता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर चर्चा की। उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना ने हालांकि किसी भी ड्रोन हमले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन उत्तर-पूर्वी राज्यों के उग्रवादी संगठनों ने ड्रोन स्ट्राइक में तबाह हुए अपने कैंप और कमांडरों के शवों के वीडियो जारी किए हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने म्यांमार की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के वाइस चेयरमैन और डिप्टी कमांडर इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल सोए विन से भी मुलाकात की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य भारत-म्यांमार सीमा की सुरक्षा थी, क्योंकि उल्फा (आई), एनएससीएन (आई) और पीएलए जैसे उग्रवादी संगठनों ने इस क्षेत्र में अपने कैंप स्थापित कर लिए हैं।

इससे नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की संभावना बनी रहती है। म्यांमार में जुंटा (सैन्य) शासन की पकड़ कमजोर होने के कारण अराकन, सान और सायांग जैसे प्रांतों में विद्रोहियों का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे निकट भविष्य में भारत-विरोधी उग्रवादी संगठनों के उत्तर-पूर्वी राज्यों में सक्रिय होने की आशंका है।

डीआईए चीफ ने म्यांमार में मल्टी पार्टी लोकतांत्रिक चुनावों पर भी चर्चा की, क्योंकि 2021 में सेना ने चुनी हुई सरकार का तख्तापलट कर सैन्य शासन स्थापित कर लिया था। उन्होंने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने और मित्रवत संबंध मजबूत करने पर जोर दिया, साथ ही हाल ही में म्यांमार में आए भूकंप के बाद भारत द्वारा किए गए राहत और बचाव कार्यों पर भी चर्चा हुई।

इसी बीच, भारतीय सेना की पूर्वी कमान (कोलकाता) के कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आर सी तिवारी ने दीमापुर (नागालैंड) स्थित स्पियर कोर के मुख्यालय का दौरा किया। स्पियर कोर (3 कोर) म्यांमार से सटे इलाकों की जिम्मेदारी संभालती है। लेफ्टिनेंट जनरल तिवारी ने दौरे के दौरान ऑपरेशनल और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की समीक्षा की, साथ ही युद्ध क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किए गए नए पीढ़ी के सैन्य उपकरणों का भी जायजा लिया।