खराब मौसम में भारतीय सेना ने 3,500 से अधिक श्रद्धालुओं को बचाया
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बहुत बड़ा भूस्खलन भी हुआ मार्ग में
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राजस्थान की सोना बाई की मौत हुई
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सेना के शिविर में लोगों को जगह मिली
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः कश्मीर घाटी में तैनात भारतीय सेना न सिर्फ देश की सुरक्षा और आतंकवादियों से लड़ने का काम करती है, बल्कि इस समय चल रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा को सफल बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सेना के जवान दिन-रात श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से काम कर रहे हैं।
इसी कर्तव्यपरायणता का परिचय देते हुए, बालटाल में तैनात सेना के जवानों ने भूस्खलन और खराब मौसम के कारण फंसे 3,500 से अधिक अमरनाथ यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें पास के शिविरों में पहुँचाया। ये श्रद्धालु बुधवार, 16 जुलाई की शाम को रॉयलपथरी और बररीमार्ग के बीच जेड-मोड़ के पास हुए एक बड़े भूस्खलन के कारण फंस गए थे।
शाम 7:15 बजे के आसपास लगातार भारी बारिश के दौरान हुए इस भूस्खलन ने यात्रा मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी, जिससे हजारों तीर्थयात्री विभिन्न मार्गों पर फंस गए। सूचना मिलते ही बररीमार्ग में तैनात सेना की टुकड़ी ने संभावित आपदा को टालने के लिए तुरंत एक समन्वित बचाव और राहत अभियान शुरू किया। उन्होंने लगभग 500 तीर्थयात्रियों को तुरंत सेना के टेंट में शरण दी और उन्हें चाय व पीने का पानी उपलब्ध कराया।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण अमरनाथ यात्रा प्रभावित हुई है। बुधवार को बालटाल के रेलपथरी में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन में 8 तीर्थयात्री घायल हो गए और सैकड़ों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, राजस्थान की रहने वाली 55 वर्षीय तीर्थयात्री सोना बाई को अचेत अवस्था में अपर रेलपथरी से बेस कैंप अस्पताल बालटाल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस बीच, गुरुवार को खराब मौसम के पूर्वानुमान के कारण जम्मू से अमरनाथ यात्रा अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दी गई है। पवित्र अमरनाथ गुफा के लिए गुरुवार को जम्मू से यात्रियों का कोई नया जत्था रवाना नहीं होगा। बालटाल मार्ग पर रेलपथरी के पास जेड-मोड़ पर पहाड़ से बारिश का पानी अपने साथ मलबा लेकर यात्रा ट्रैक पर आ गया, जिससे मार्ग बाधित हो गया। इस घटना में लगभग 8 यात्री घायल हुए, जिन्हें तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र में इलाज के लिए पहुँचाया गया।