Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
🚨 लातूर के औसा में स्कूल में वीडियो बनाने पर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर FIR दर्ज लखनऊ KGMU में MBBS इंटर्न्स की भूख हड़ताल: ₹12,000 से बढ़ाकर ₹30,000 स्टाइपेंड करने की मांग, गेट पर ... बेंगलुरु के डोड्डाबल्लापुर में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तान स्थित गैंग से जुड़े 28 वर्षीय AC टेक्नीशियन ... बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक: वंदे मातरम् पर देशव्यापी अभियान का ऐलान, Gen Z से जुड़ेंगे ... जयपुर में जर्जर स्कूल पर एक्शन: पुराने भवन से 50 मीटर दूर ग्रामीण के मकान में शिफ्ट हुई कक्षाएं, 16 ... संभाजीनगर ट्रिपल डेथ केस: आईफोन की जिद या कोई और वजह? DCP रत्नाकर नवले बोले- जांच पूरी होने तक अफवाह... बिहार के DMCH में अमानवीयता की हद: गार्ड ने टूटे पैर वाले लावारिस मरीज को जमीन पर घसीटा, अधीक्षक ने ... 71 की उम्र में मेगास्टार चिरंजीवी का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, संक्रांति 2027 पर रिलीज होगी 'काका' पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर NIA का शिकंजा: लाहौर भेजा जाएगा समन, गैर-मौजूदगी में चलेगा ट... 'मर्द औरतों को कंट्रोल क्यों करना चाहते हैं?': राहुल गांधी ने पुणे में छात्राओं से किया सीधा संवाद, ...

पंजाब से पीएसीएल के निदेशक गुरनाम सिंह गिरफ्तार

लाखों ग्राहकों से पचास हजार करोड़ की धोखाघड़ी

  • काफी समय से चल रही थी इसकी जांच

  • सीबीआई ने भी दर्ज किया था यह मामला

  • यूपी आर्थिक अपराध शाखा की कार्रवाई

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: एक बड़े भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत, उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पंजाब से पर्ल्स एग्रो-टेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) के निदेशक गुरनाम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की पोंजी स्कीम धोखाधड़ी से संबंधित है, जिसने देश के 10 राज्यों में लाखों निवेशकों को ठगा है।

गिरफ्तारी का सिलसिला पिछले साल ही शुरू हो गया था, लेकिन यह हालिया कार्रवाई इस विशाल धोखाधड़ी नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम है। 69 वर्षीय गुरनाम सिंह को गुरुवार रात पंजाब के रूपनगर से पकड़ा गया। उत्तर प्रदेश पुलिस सूत्रों ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

पीएसीएल के खिलाफ अवैध वित्तीय निवेश गतिविधियों के आरोप में पिछले साल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस समय, कंपनी के कई अधिकारियों सहित लगभग एक दर्जन आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था। इसके बाद, उत्तर प्रदेश की आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले में समानांतर जांच शुरू की, जिससे यह नवीनतम गिरफ्तारी हुई है।

आरोप है कि पर्ल्स ग्रुप ने विभिन्न निवेश परियोजनाओं के नाम पर देश भर के करीब 50 लाख निवेशकों से 50,000 करोड़ रुपये से अधिक की भारी रकम जुटाई। यह आरोप लगाया गया है कि यह पैसा धोखाधड़ी के इरादे से और बिना किसी कानूनी मंजूरी के इकट्ठा किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि पीएसीएल के अधिकारियों ने निवेश इकट्ठा करने से पहले कंपनी को नियमों के मुताबिक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के तौर पर पंजीकृत भी नहीं कराया था, जो उनके अवैध इरादों को और पुष्ट करता है।

उत्तर प्रदेश ईओडब्ल्यू की प्रमुख नीरा रावत ने शुक्रवार को जानकारी दी कि उन्होंने गुरनाम सिंह से जुड़े 10 मुख्य आरोपियों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया है। यह दर्शाता है कि जांच एजेंसियां इस व्यापक धोखाधड़ी के पीछे के सभी प्रमुख व्यक्तियों को पकड़ने के लिए गंभीरता से काम कर रही हैं। इस गिरफ्तारी से इस विशाल धोखाधड़ी के शिकार हुए लाखों निवेशकों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। जांच एजेंसियां अब इस मामले की तह तक जाकर उन सभी को बेनकाब करने का प्रयास कर रही हैं जिन्होंने इस योजना में सक्रिय रूप से भाग लिया और निर्दोष लोगों की गाढ़ी कमाई लूटी।