शांति बहाली के गृह मंत्रालय के प्रयासों पर अगली बैठक 30 को
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः गत 3 मई, 2023 को दो समुदायों के बीच संकट शुरू होने के बाद से यह प्रधानमंत्री मोदी की हिंसाग्रस्त राज्य की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले महीने मणिपुर का दौरा करने की उम्मीद है, जिसके दौरान वह कई पूरी हो चुकी परियोजनाओं का उद्घाटन करने और नई परियोजनाओं की घोषणा करने के लिए इंफाल और चुराचांदपुर का दौरा कर सकते हैं।
सूत्रों ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इंफाल पश्चिम जिले में हाल ही में बनकर तैयार हुए सिविल सचिवालय का उद्घाटन करने की तैयारियां चल रही हैं। इसके अलावा, पीएम के दौरे के लिए चुराचांदपुर में एक हेलीपैड बनाने और सड़कों की मरम्मत का काम भी चल रहा है। लगातार विदेश यात्रा करने के बाद भी एक बार मणिपुर नहीं जाने की वजह से विपक्ष ने प्रधानमंत्री पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगाया है। इसके साथ यह भी कहा गया है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे का कोई सकारात्मक असर इस राज्य पर नहीं पड़ा है।
दूसरी तरफ मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला को लिखे एक कड़े शब्दों वाले पत्र में पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मणिपुर विधानसभा के हिल एरिया कमेटी ऑर्डर, 1972 के संस्करण में गंभीर और संभावित रूप से जानबूझकर किए गए बदलाव की ओर इशारा किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इससे गांवों में अनियंत्रित वृद्धि हो सकती है और प्रथागत वैधता या कानूनी स्पष्टता के बिना नए प्रमुखों या मुखियाओं की नियुक्ति हो सकती है।
यह मुद्दा अनुसूचित मामलों के तहत दूसरी अनुसूची के खंड 9 के इर्द-गिर्द घूमता है, जहां भारत के राजपत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है, “प्रमुखों या मुखियाओं के उत्तराधिकार की नियुक्ति। उन्होंने चेतावनी दी कि इस भाषाई विकृति के गहरे प्रशासनिक और राजनीतिक निहितार्थ हैं। एन. बीरेन ने लिखा, इसने गांवों के तेजी से और अनियंत्रित प्रसार का द्वार खोल दिया है, जिनमें से कई ऐतिहासिक या पारंपरिक रूप से अस्तित्व में नहीं रहे होंगे।