गुजरात से गोपाल इटालिया ने भाजपा को हराया
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मोदी के गढ़ में सेंधमारी जारी है
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केरल से कांग्रेस को बेहतर संकेत
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बंगाल में ममता का जादू कायम
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः 23 जून 2025 को घोषित हुए विधानसभा उपचुनाव परिणामों ने भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में कई महत्वपूर्ण बदलावों को रेखांकित किया है। गुजरात, केरल, पंजाब और पश्चिम बंगाल में विभिन्न सीटों पर हुए इन उपचुनावों में प्रमुख राजनीतिक दलों – भाजपा, आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने जीत हासिल की है, जो आगामी चुनावों के लिए एक दिलचस्प तस्वीर पेश करती है। इन उपचुनावों का आयोजन मौजूदा विधायकों के निधन या इस्तीफे के कारण हुआ था, और इनके परिणाम क्षेत्रीय राजनीतिक गतिशीलता को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंतिम जानकारी के मुताबिक लुधियाना सीट भी आम आदमी पार्टी की झोली में गया है। पार्टी के प्रत्याशी संजीव अरोरा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वि कांग्रेस के भारत भूषण अंशु को 24542 वोटों से पराजित किया। भाजपा के जीवन गुप्ता मात्र बीस हजार 323 वोट प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहे।
गुजरात में, जहाँ दो सीटों – विसावदर और कादी – पर उपचुनाव हुए, परिणामों ने राज्य के बदलते राजनीतिक समीकरणों को दर्शाया। विसावदर सीट पर आम आदमी पार्टी (आप) के गोपाल इटालिया ने शानदार जीत दर्ज की है। यह जीत आप के लिए गुजरात में अपनी पकड़ मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण संकेत है, खासकर तब जब पार्टी राज्य में अपनी उपस्थिति बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है। गोपाल इटालिया की जीत आप की जमीनी स्तर पर बढ़ती स्वीकार्यता और गुजरात के शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
वहीं, कादी सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजेंद्र चावड़ा ने जीत हासिल की है। यह भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जीत है, जो राज्य में अपनी पारंपरिक पकड़ को बनाए रखने में सफल रही है। भाजपा की यह जीत दर्शाती है कि पार्टी अभी भी गुजरात के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत बनी हुई है, और राज्य की जनता का एक बड़ा हिस्सा अभी भी उसके नेतृत्व पर विश्वास रखता है। यह परिणाम आगामी विधानसभा चुनावों में गुजरात में आप और भाजपा के बीच एक दिलचस्प चुनावी मुकाबले की संभावना को जन्म देता है।
केरल के नीलांबुर निर्वाचन क्षेत्र में हुए उपचुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने जीत हासिल की है। यह कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण नैतिक जीत है, विशेष रूप से ऐसे समय में जब पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों का सामना कर रही है। केरल में कांग्रेस की यह जीत राज्य में उसके पुनरुत्थान और मतदाताओं के बीच उसकी प्रासंगिकता को बनाए रखने की क्षमता को प्रदर्शित करती है।
आप और तृणमूल कांग्रेस की बढ़त भारतीय चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नवीनतम रुझानों के अनुसार, पंजाब के लुधियाना पश्चिम में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप आगे चल रही है। यदि आप यह सीट जीत जाती है, तो यह पंजाब में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और राज्य में उसकी गहरी पैठ को और मजबूत करेगा, जहाँ वह पहले से ही सत्ता में है। यह परिणाम दर्शाता है कि आप पंजाब में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रही है और राज्य की राजनीति में एक प्रमुख शक्ति बनी हुई है।
इसी तरह, पश्चिम बंगाल के कालीगंज में ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) आगे चल रही है। यदि टीएमसी यह सीट जीतती है, तो यह राज्य में उसकी अदम्य शक्ति और चुनावी मशीनरी की दक्षता को साबित करेगा। यह जीत आगामी चुनावों में भाजपा जैसी विपक्षी पार्टियों के लिए टीएमसी को चुनौती देना और भी मुश्किल बना देगी। टीएमसी की यह संभावित जीत दर्शाती है कि पार्टी अभी भी राज्य में मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाए हुए है और उसकी लोकप्रियता बरकरार है।
ये विधानसभा उपचुनाव परिणाम केवल इन सीटों के लिए नहीं, बल्कि संबंधित राज्यों और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत हैं। गुजरात में आप का प्रदर्शन और भाजपा की पारंपरिक जीत राज्य में बदलती राजनीतिक गतिशीलता को दर्शाती है। केरल में कांग्रेस की जीत पार्टी के लिए एक संजीवनी बूटी का काम करेगी, जबकि पंजाब में आप की बढ़त और पश्चिम बंगाल में टीएमसी की संभावित जीत इन पार्टियों की क्षेत्रीय प्रभुत्व को मजबूत करेगी।