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जोधपुर ने आज के दौर का नया मुन्ना भाई पकड़ा गया

नीट दिया नहीं पर एम्स में दाखिला लिया

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः जोधपुर के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्र सचिन गोरा को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने 2020 की नीट यूजी परीक्षा में खुद न बैठकर, एक डमी उम्मीदवार को पैसे देकर अपनी जगह परीक्षा दिलाई थी।

जयपुर के पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अमित कुमार ने बताया कि इस धोखाधड़ी का खुलासा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए), नई दिल्ली की रिपोर्ट के बाद हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, सचिन गोरा ने नीट परीक्षा में 667 अंक हासिल किए थे, लेकिन वह वास्तव में परीक्षा में उपस्थित नहीं हुआ था। उसके एडमिट कार्ड पर डॉ अजीत गोरा की तस्वीर थी, जिसने सचिन की जगह परीक्षा दी थी।

शुरुआती जाँच से पता चला है कि इस फर्जीवाड़े के लिए 60 लाख रुपये का सौदा तय किया गया था। एक रिपोर्ट के अनुसार, सचिन की जगह परीक्षा देने वाले डॉ अजीत गोरा ने भरतपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब इंटर्नशिप कर रहे हैं।

इस पूरे मामले में नागौर जिले के घाटवा में कार्यरत स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुभाष सैनी का नाम भी सामने आया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ही अजीत और सचिन के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाई। पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया है।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि डॉ सुभाष सैनी का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। 2013 में, उन्होंने एक अन्य व्यक्ति को नीट पीजी परीक्षा पास कराने के लिए 65 लाख रुपये लिए थे। उस समय इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल, पुलिस ने सचिन गोरा और डॉ। अजीत गोरा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि डॉ सुभाष सैनी से हिरासत में पूछताछ जारी है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और इसमें शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की तलाश भी कर रही है।