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काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का विस्तार होगा

हिमंता बिस्वा सरमा की कैबिनेट ने दी प्रस्ताव को मंजूरी

राष्ट्रीय खबर

गुवाहाटीः असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार, 4 जून, 2025 को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व का विस्तार किया जाएगा। यह कदम असम की समृद्ध जैव विविधता को संरक्षित करने और वन्यजीवों के लिए एक सुरक्षित पर्यावास सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

वर्तमान में 1,302 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, जो अपने एक सींग वाले गैंडों के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है, लगभग 2,613 गैंडों का घर है। इसके अलावा, यह प्रति 100 वर्ग किलोमीटर में अनुमानित 32.64 बाघों के साथ बाघों की अच्छी आबादी भी रखता है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, राष्ट्रीय उद्यान के छठे विस्तार के रूप में इसमें 47,306.33 हेक्टेयर का विशाल क्षेत्र जोड़ा जाएगा।

इस विस्तार का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण प्रयासों को मजबूत करना और इस यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल पर स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना है। मंत्रिमंडल ने इस विस्तार पर 21 मई को ही सैद्धांतिक रूप से निर्णय ले लिया था, जिस पर अब मुहर लगा दी गई है। यह विस्तार न केवल वन्यजीवों के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराएगा, बल्कि उनके प्राकृतिक आवास को भी सुरक्षित रखने में मदद करेगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में भी सहायता मिलेगी।

हालांकि, इस विस्तार योजना से 10 गांवों को बाहर रखा गया है ताकि स्थानीय समुदायों पर इसका नकारात्मक प्रभाव न पड़े। ये गांव हैं: बालीगांव, बिश्वनाथ घाट, गखिरखैते, गोनैतापु, गोपाल जारानी, ​​हातिमुरा, जोबरे, सिलघाट, थुटे चापोरी और उमाटामोनी। यह दर्शाता है कि सरकार विकास और संरक्षण के बीच संतुलन साधने का प्रयास कर रही है, जहां स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जा रहा है।

डॉ. भूपेन हजारिका शताब्दी समारोह की तैयारियां

इस महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक के साथ ही, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भारत रत्न सुधाकंठ डॉ. भूपेन हजारिका के शताब्दी समारोह के लिए गठित कोर कमेटी की पहली बैठक की अध्यक्षता भी की। बैठक में मुख्यमंत्री ने बताया कि संगीत उस्ताद की जीवनी, जो फिलहाल समीक्षाधीन है, का 23 भारतीय भाषाओं में अनुवाद किया जाएगा। यह एक सराहनीय पहल है जो डॉ. हजारिका के असाधारण योगदान को देश भर के लोगों तक पहुंचाएगी।

इस जीवनी को देश भर के चार लाख से अधिक कॉलेजों, पुस्तकालयों और कार्यालयों और असम में 10 लाख लोगों को वितरित किया जाएगा। यह वितरण डॉ. हजारिका के संगीत, साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने में मदद करेगा और उनकी विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करेगा।

यह प्रयास निश्चित रूप से डॉ. हजारिका के शताब्दी समारोह को एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन बनाएगा। इन दोनों निर्णयों से असम सरकार की दूरदर्शिता स्पष्ट होती है, जहां एक ओर वे प्राकृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे अपनी सांस्कृतिक धरोहर को भी सहेजने और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।