Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Maharashtra Liquor Ban: महाराष्ट्र के इस गांव में शराबबंदी के लिए हुई वोटिंग, जानें महिलाओं ने बाजी ... Weather Update: दिल्ली में समय से पहले 'हीटवेव' का डर, 27 डिग्री पहुंचा पारा; यूपी-बिहार में कोहरे क... Raj Thackeray on Mohan Bhagwat: 'हिंदी थोपने वाली सरकार पर बोलें भागवत', भाषा विवाद पर राज ठाकरे का ... Khatu Shyam Mandir: खाटूश्याम मंदिर में SHO की गुंडागर्दी! युवक को कॉलर से खींचा, जमीन पर पटका; वीडि... Mathura Mass Suicide: मथुरा में सामूहिक आत्मघाती कदम, 5 सदस्यों की मौत से इलाके में दहशत, सुसाइड नोट... CM Yogi in Sitapur: 'बंट गए तो कटने के रास्ते खुल जाएंगे', सीतापुर में सीएम योगी ने दुश्मनों को लेकर... वित्त मंत्री अपना पिछला वादा भूल गयीः चिदांवरम शीर्ष अदालत में पश्चिम बंगाल एसआईआर मुद्दे पर सुनवाई किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीः पीयूष गोयल सिद्दीपेट में अब बाघ के आतंक से जनता नाराज

जैसलमेर का सरकारी अधिकारी निकला पाकिस्तानी जासूस

आईएसआई  से संबंध के मिले पुख्ता सबूत

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः राजस्थान पुलिस ने जैसलमेर में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है, जहाँ रोजगार विभाग के सहायक प्रशासनिक अधिकारी और कांग्रेस के पूर्व मंत्री शाले मोहम्मद के निजी सहायक रह चुके शकूर खां को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है।

शकूर खां के खिलाफ अधिनियम 1923 के तहत मामला दर्ज किया गया है। जैसलमेर की मांगलिया की ढाणी के निवासी शकूर खां की संदिग्ध गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियां काफी समय से नजर रख रही थीं। खुफिया इनपुट मिलने के बाद इंटेलिजेंस ने उसे हिरासत में लिया था। जांच में पता चला कि शकूर खां पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत  अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश और सोहेल कमर के साथ लगातार संपर्क में था। उस पर भारतीय सेना और सामरिक महत्व की सूचनाएं पाकिस्तान को उपलब्ध कराने का गंभीर आरोप है।

खुफिया एजेंसियों को शकूर खां के मोबाइल फोन से कई ऐसे पाकिस्तानी नंबर मिले हैं, जिनके बारे में वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके अलावा, जांचकर्ताओं ने उसके फोन से कई डिलीट किए गए दस्तावेजों को भी सफलतापूर्वक रिकवर किया है, जिनसे महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। उसके फोन से आईएसआई एजेंटों के साथ हुई बातचीत के पुख्ता सबूत मिले हैं, जो उसके पाकिस्तान के साथ गहरे संबंधों की पुष्टि करते हैं।

आरोपी शकूर खां, जो जैसलमेर जिले के बड़ोदा गांव की मंगलियों की ढाणी का मूल निवासी है, ने पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की सात बार यात्रा की है। बताया जा रहा है कि उसने पाकिस्तान दूतावास में कार्यरत दानिश की मदद से कई बार पाकिस्तान का वीजा हासिल किया। शकूर खां के पाकिस्तान के सिंध प्रांत के रहिमियार खान, सक्खर और घोटकी जैसे क्षेत्रों में नजदीकी रिश्तेदार हैं, जिससे उसकी लगातार पाकिस्तान यात्राओं के पीछे के मकसद पर भी सवाल खड़े होते हैं।

यह भी गौरतलब है कि शकूर खां का एक राजनीतिक जुड़ाव भी रहा है। वह वर्ष 2009 से 2013 तक पोकरण विधायक शाले मोहम्मद के कार्यकाल के दौरान और फिर 2019 से 2023 तक राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री के निजी सचिव के रूप में काम कर चुका है। इस पृष्ठभूमि ने उसके लिए संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाना और उसे आईएसआई तक पहुंचाना आसान बना दिया होगा।

इस गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता प्रदान की है और देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा टाल दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है, और उम्मीद है कि इससे जासूसी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का भी पर्दाफाश होगा।