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देश से पहले विदेशी एजेंसी को जानकारी क्योः घोष

सीडीएस अनिल चौहान के बयान के बाद विपक्ष के सांसद नाराज

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारतीय सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान के बयान ने देश में हलचल मचा दी है। उन्होंने स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी हमले में भारतीय लड़ाकू विमान गिराया गया था। सिंगापुर में विदेशी मीडिया को दिए गए इंटरव्यू में जनरल चौहान के बयान को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र पर उंगली उठानी शुरू कर दी है।

तृणमूल की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने सवाल उठाया है कि देशवासियों को पहले बताए बिना यह बात विदेशी मीडिया को क्यों बताई जा रही है। कांग्रेस ने भी केंद्र सरकार पर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया है। सागरिका ने विदेशी मीडिया को दिए गए इंटरव्यू का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए पूछा, विदेशी मीडिया ने यह खबर पहले क्यों छापी? यह जानकारी पहले भारतीयों, देश की संसद और जनप्रतिनिधियों को क्यों नहीं दी गई?

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का मानना ​​है कि सेना प्रमुख के इंटरव्यू के बाद कई अहम सवाल उठे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ये सवाल तभी पूछे जा सकते हैं जब संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश को गुमराह किया है।

ब्लूमबर्ग टीवी के साथ साक्षात्कार में सेना प्रमुख से पूछा गया कि क्या पाकिस्तान ने किसी भारतीय लड़ाकू विमान को नष्ट किया है। भारतीय सेना प्रमुख ने पहले तो इस सवाल का सीधे तौर पर हां या नहीं में जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा, लड़ाकू विमान का नष्ट होना हमारे लिए महत्वपूर्ण नहीं है। इसे क्यों नष्ट किया गया, यह महत्वपूर्ण है।

फिर उनसे पूछा गया कि क्या इसका मतलब यह है कि पाकिस्तानी हमले में कम से कम एक लड़ाकू विमान नष्ट हुआ था? उन्होंने इस सवाल का संक्षिप्त उत्तर हां में दिया और भारतीय सेना की रणनीति के बारे में बताया। इंटरव्यू में जनरल चौहान ने यह भी कहा, सकारात्मक पक्ष यह है कि हमें अपनी रणनीतिक गलती का तुरंत अहसास हुआ और हमने उसे सुधारा तथा दो दिन बाद फिर से वही रणनीति अपनाई। हमने फिर से सभी युद्धक विमानों को मार गिराया तथा दूर के लक्ष्यों को निशाना बनाया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सेना प्रमुख की टिप्पणी के इस हिस्से को सोशल मीडिया पर भी साझा किया। उन्होंने सेना के मजबूत और साहसी रवैये की प्रशंसा की। हालांकि, इसके साथ ही खड़गे ने दावा किया कि इस समय रणनीतिक समीक्षा की जरूरत है। उन्होंने कारगिल समीक्षा समिति जैसी निष्पक्ष विशेषज्ञ समिति के जरिए देश की रक्षा तैयारियों की समीक्षा की मांग की है।

भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की है। उन्होंने बार-बार दावा किया है कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। खड़गे ने यह भी सवाल किया कि ट्रंप के ऐसे दावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री स्पष्ट स्पष्टीकरण क्यों नहीं दे रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ट्रंप के दावे के मद्देनजर स्पष्ट जवाब देने के बजाय प्रधानमंत्री चुनाव में व्यस्त हैं। खड़गे ने आरोप लगाया कि वह देश की सेना के पराक्रम का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेता ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया है कि भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ट्रम्प के सोशल मीडिया पोस्ट के बाद युद्ध विराम की घोषणा की।