अरुणाचल में सात लोगों की भूस्खलन से मौत
-
एक वाहन ही बाढ़ की चपेट में आ गया
-
राष्ट्रीय राजमार्ग 13 पर हुआ यह हादसा
-
अजय भल्ला ने इलाकों का दौरा भी किया
ईटानगरः अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी कामेंग जिले में शुक्रवार देर रात भारी बारिश के दौरान बाना और सेप्पा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-13 पर हुये भूस्खलन में सात लोगों की मौत हो गयी। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और यातायात बाधित हो गया। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-13 के बाना-सेप्पा खंड पर हुये भूस्खलन में सात लोगों को ले जा रहा एक वाहन बह गया और गहरी खाई में गिर गया। वाहन सेप्पा की ओर जा रहा था, तभी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आ गया।
अरुणाचल प्रदेश के गृह मंत्री और स्थानीय विधायक मामा नटुंग ने अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। श्री नटुंग ने एक संदेश में शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुये कहा, मेरे विधानसभा क्षेत्र में सात लोगों की मौत के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। गृह मंत्री ने नागरिकों से मानसून के मौसम में रात में खासकर भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने से बचने का आग्रह किया।
श्री नटुंग ने कहा, मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि मानसून के मौसम में सतर्क रहें और रात के समय यात्रा करने से बचें। मेरी संवेदनायें और प्रार्थनायें प्रभावित परिवारों के साथ हैं। ओम शांति शांति, अधिकारियों ने घटनास्थल पर बचाव और निकासी अभियान शुरू कर दिया है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने और खराब मौसम की स्थिति के दौरान यात्रा को प्रतिबंधित करने का आग्रह किया है। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि बचाव दल ने सभी सात शव बरामद कर लिये हैं, लेकिन उनकी पहचान अभी तक नहीं हो पायी है। उल्लेखनीय है कि उत्तर-पूर्वी राज्य में गुरुवार से लगातार बारिश हो रही है।
इस बीच मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने शनिवार को इंफाल के बाढ़ प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया और अधिकारियों को नदी की स्थिति पर बारीकी से नजर रखने और एहतियाती उपाय लागू करने के निर्देश दिए। श्री भल्ला ने इंफाल नदी के किनारे विभिन्न स्थानों का दौरा किया और नदी की समग्र स्थिति का आकलन किया। उन्होंने जिन प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया उनमें कंगला नोंगपोक थोंग, लैरीकेंगबाम लेइकाई और सिंगजामेई ब्रिज शामिल हैं। राज्यपाल के साथ मुख्य सचिव, आयुक्त (गृह), पुलिस अधीक्षक (इंफाल पूर्व) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी थे।