विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से ही दूरी उजागर
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कांग्रेस ने शनिवार को सरकार पर निशाना साधा, क्योंकि पार्टी द्वारा सुझाए गए चार उम्मीदवारों में से केवल एक को ही राजनयिक प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनाया गया। खबरों के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में आतंकवाद से निपटने के भारत के संकल्प को बढ़ावा देने के लिए दुनिया की राजधानियों की यात्रा करने वाले सात प्रतिनिधिमंडलों में विभिन्न दलों के 51 राजनीतिक नेता, सांसद और पूर्व मंत्री शामिल होंगे।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को एक पोस्ट एक्स में कहा कि 16 मई की सुबह, मोदी सरकार ने पाकिस्तान से आतंकवाद पर भारत के रुख को स्पष्ट करने के लिए विदेश भेजे जा रहे प्रतिनिधिमंडलों में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए कांग्रेस सांसदों/नेताओं के चार नाम मांगे।
रमेश ने कहा, इन चारों नामों को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष ने 16 मई को दोपहर 12 बजे ही संसदीय कार्य मंत्री को लिखित रूप में बता दिया था। उन्होंने कहा, आज (17 मई) देर रात सभी प्रतिनिधिमंडलों के सदस्यों की पूरी सूची आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई है। सबसे दुखद बात यह है कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा सुझाए गए 4 नामों में से केवल 1 को ही शामिल किया गया है।
कांग्रेस द्वारा शशि थरूर को नामित नहीं किया गया रमेश ने कहा कि कांग्रेस द्वारा नामित चार नेता आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, सैयद नसीर हुसैन और अमरिंदर सिंह राजा वारिंग हैं। इन चारों में से केवल शर्मा को ही विभिन्न देशों का दौरा करने वाले सात प्रतिनिधिमंडलों में शामिल किया गया है।
कांग्रेस द्वारा भेजी गई सूची में शामिल नहीं किए गए चार कांग्रेसी नेताओं – शशि थरूर, मनीष तिवारी, अमर सिंह और सलमान खुर्शीद को सरकार द्वारा प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह नरेंद्र मोदी सरकार की पूर्ण निष्ठाहीनता को साबित करता है और गंभीर राष्ट्रीय मुद्दों पर उसके द्वारा खेले जाने वाले सस्ते राजनीतिक खेल को दर्शाता है।
हालांकि, विपक्षी पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार के आग्रह पर शामिल किए गए चार प्रतिष्ठित कांग्रेस सांसद/नेता प्रतिनिधिमंडल के साथ जाएंगे और अपना योगदान देंगे। वैसे इस एक मुद्दे से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने वाले शशि थरूर अब भी पार्टी हाईकमान के लिए भरोसे लायक व्यक्ति नहीं रहे हैं। दूसरी तरफ यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि अब केरल में भी भाजपा का ऑपरेशन लोट्स शायद जल्द ही परिणाम देने वाला है।