Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
तालिबान सरकार ने कहा भरोसा के साथ लौट आये चीन के शीर्ष अधिकारी का म्यांमार दौरा सीआईए एजेंटों की मौत पर सरकार का पहला बयान आया यह ऑपरेशन लोट्स भी अकारण नहीं है Haryana Weather Update: हरियाणा में भीषण गर्मी और लू का रेड अलर्ट, इस जिले में पारा 44.6 डिग्री पहुं... Hisar News: सीआईए इंचार्ज पवन सिंहमार के समर्थन में उतरी खाप, बड़ी पंचायत में सरकार को दी चेतावनी Panipat Mittal Mall Fire: पानीपत के मित्तल मॉल में भीषण आग, बेसमेंट से उठी लपटों ने कई शोरूम को किया... Haryana Electric Bus Update: हरियाणा के 10 शहरों को मिलेंगी 90 नई इलेक्ट्रिक बसें, मई अंत तक शुरू हो... Karnal News: रूस में जान गंवाने वाले करनाल के देव का हुआ अंतिम संस्कार, पूरे गांव ने नम आंखों से दी ... NIT Kurukshetra: JJP नेता जसविंदर खैहरा की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, ज्वाइंट रजिस्ट्रार निलंबित

शून्यकाल में राज्यसभा में आदिवासी भाषाओं का मुद्दा उठा

मुंडारी और हो जैसी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग

  • बीजद के सस्मित पात्रा ने उठाया मुद्दा

  • आयुष्मान योजना में साठ साल करने की मांग

  • पीएफ का पैसा जमा नहीं करते हैं अनेक नियोक्ता

नईदिल्लीः राज्यसभा में बुधवार को अनेक राज्यों में बोली जाने वाली मुंडारी, हो और भूमिज जैसी आदिवासी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किये जाने की मांग की गयी। बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने शून्यकाल में यह विषय उठाते हुए कहा कि ये भाषाएं अनेक राज्यों के लाखों लोगों द्वारा बोली जाती हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा विधानसभा इस बारे में पहले ही एक प्रस्ताव पारित कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि ये भाषाएं देश की विरासत हैं और इनका संरक्षण जरूरी हैं इसलिए इन्हें संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह दी जानी चाहिए।

कांग्रेस के नीरज डांगी ने वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर जीएसटी की 18 प्रतिशत की दर को कम कर पांच प्रतिशत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे वृद्धजनों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी क्योंकि बढती उम्र में उनकी स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम राशि वैसे ही बढती रहती है। उन्होंने आयुष्मान योजना में 70 वर्ष की उम्र में दिये जाने वाले लाभों के लिए उम्र सीमा 60 वर्ष किये जाने की भी मांग की।

आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने बिना नियम कानूनों के चलाये जा रहे ई रिक्शा के कारण सड़कों पर अराजकता की स्थिति उत्पन्न होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ई रिक्शा के कारण मेट्रो स्टेशनों और बाजारों में जाम लगा रहता है। उन्होंने कहा कि रिक्शा में क्षमता से अधिक आठ से दस लोग बैठाये जाते हैं जिससे इनके पलटने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि ई रिक्शा चालकों के पास न तो लाइसेंस होता और न ही उन्हें प्रशिक्षण दिया जाता इसलिए वे खतरनाक तरीके से सड़कों पर चलते हैं।

उन्होंने कहा कि जब टैक्सी आटो रिक्शा के लिए सख्त नियम हैं तो ई रिक्शा के लिए नियम क्यों नहीं हैं । उन्होंने कहा कि राजधानी दिल्ली में ही ढाई लाख ई रिक्शा हैं । इनके पास न तो लाइसेंस हैं और न ही इनका पंजीकरण किया जाता। सदस्य ने कहा कि नियम तोडने पर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के रीताब्रता बनर्जी ने विभिन्न कंपनियों द्वारा कर्मचारी भविष्य निधि के कर्मचारियों की भविष्य निधि राशि जमा नहीं कराये जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 के अनुसार कर्मचारियों की 26 हजार करोड़  रुपये की भविष्य निधि राशि जमा नहीं करायी गयी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई कंपनी कर्मचारी के वेतन से उसका पीएफ काट लेती हैं लेकिन नियोक्ता की ओर से अंशदान जमा नहीं कराया जाता।