Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
PM Modi in Indonesia: 'भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी', इंडोनेशिया की संसद में पीएम मोदी ने पेश किया 'गंगा-म... Welcome to the Jungle Budget: 250 करोड़ नहीं, डायरेक्टर अहमद खान ने बताया फिल्म का असली बजट Ramayana Movie Rights: करण जौहर ने 250 करोड़ में खरीदे 'रामायण' के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स, दिवाली पर ... Prabhas Fauzi Update: प्रभास की 'फौजी' में होगा हाई-वोल्टेज एक्शन, 10 जुलाई से शुरू होगी इंटरवल सीन ... Akshay Kumar 2016 Movies: 'एयरलिफ्ट' से 'रुस्तम' तक, जब अक्षय कुमार ने 8 महीने में दी थीं लगातार 3 स... UP ATS Action: लखनऊ NIA कोर्ट का बड़ा फैसला, 13 बांग्लादेशी और 2 रोहिंग्या घुसपैठियों को 5-5 साल की ... डबरा में सफाई कर्मचारी की संदिग्ध मौत, अपहरण के शक में पुलिसकर्मियों पर पिटाई का आरोप Khajrana Civil Hospital: जमीन का नहीं हुआ हस्तांतरण, इसलिए अटका खजराना सिविल अस्पताल का काम Haridwar Mansa Devi Temple: राम मंदिर विवाद के बाद मनसा देवी ट्रस्ट सख्त, पुजारियों के लिए बनाए कड़े... Ketan Agrawal Murder Case: केतन हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा, आरोपी चेतन-सिया ने 4 महीने पहले क...

भाजपा और वाम समर्थकों ने मिलकर विरोध किया

ममता के ऑक्सफोर्ड भाषण का नया राज सामने आया

  • ऑक्सफोर्ड के छात्र भी नहीं थे वे

  • मौजूद भीड़ ने धक्के मारकर निकाला

  • भाजपा समर्थक का चेहरा भी सामने आया

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता लौट आने के बाद नया राज सामने आया है। दरअसल ऑक्सफोर्ड में उनके भाषण के दौरान कुछ लोगों ने इसे बाधित करने का प्रयास किया था। सभास्थल पर मौजूद दूसरे लोगों  विरोध के बाद वे बाहर चले गये थे। दरअसल वहां मौजूद भीड़ ने ही इनलोगों को धक्के मारकर बाहर निकाल दिया था। बाद में पता चला कि उनमें से कोई भी ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का छात्र नहीं था।

दरअसल एसएफआई, यूके के सदस्य बैठक में झूठे नाम से आये थे। जिस तरह विदेशी धरती पर बंगाल की मुख्यमंत्री का अपमान करने के लिए सीपीएम के छात्र संगठन एसएफआई का पर्दाफाश हुआ, उसी तरह विरोध प्रदर्शन में मौजूद भाजपा कार्यकर्ता की पहचान भी उजागर हुई।

तो, अब यह जानकारी सामने आ गई है कि ममता बनर्जी के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक भाषण को विफल करने के लिए राम और वाम एकजुट हो गए थे। एसएफआई ने 27 मार्च को लंदन में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान अशांति पैदा करने की कोशिश की थी। एसएफआई की ब्रिटेन शाखा ने भी उस जिम्मेदारी को स्वीकार किया।

अब एक अन्य प्रदर्शनकारी की पहचान सामने आई। एसएफआई के साथ भाजपा कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। उनका नाम सुशील डोकवाल एक्का है। सुशील डोकवाल एक्का को सेंट जेम्स कोर्ट के निकट स्थित होटल के पास देखा गया, जहां बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनका दल लंदन यात्रा के दौरान ठहरा हुआ था।

सुशील डोकवाल एक्का ने केलॉग कॉलेज में अपने भाषण से पहले मुख्यमंत्री से भी बात की। उन्होंने एक सेल्फी भी ली। सुशील डोकवाल एक्का भी प्रदर्शनकारियों में शामिल हो गए। सूत्रों का कहना है कि वह भाजपा के कट्टर समर्थक हैं और भाजपा के लिए विभिन्न कार्य करते हैं। इस तरह एक बार फिर यह साबित हो गया कि राम और वामपंथियों ने विदेशी धरती पर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का विरोध करने के लिए गठबंधन बना लिया है।