Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Yusuf Imran: गूगल छोड़कर शुरू किया अपना AI बिजनेस, जानें क्यों करोड़ों की सैलरी को दी मात? Dreamcatcher Vastu Tips: घर में ड्रीमकैचर लगाने के फायदे, जानें सही दिशा और वास्तु के नियम Future of Healthcare in India: बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच हेल्थकेयर का नया स्वरूप Ketan Agarwal Murder Case: मर्डर का मजाक उड़ाना पड़ा महंगा, डेंटिस्ट डॉ. मुस्कान सोनी 5 साल के लिए सस्... YEIDA News: यमुना प्राधिकरण का बड़ा कदम, 3,181 करोड़ के निवेश को मिली मंजूरी; 18,000 से ज्यादा लोगों... Bhojpur Crime News: इंस्टाग्राम फ्रेंडशिप बनी मौत का कारण, युवती की हत्या कर खेत में फेंका शव; बॉयफ्... CM Dr. Mohan Yadav in Rajgarh: जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन, मुख्यमंत्री ने पवित्र दूध तलैया में ... Balaghat News: शराबबंदी आंदोलन का अनोखा रूप, पत्नी ने नशे में धुत पति को खंभे से बांधा; वीडियो वायरल Weather Update: दिल्ली-यूपी सहित उत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी किया येलो अलर्ट Gwalior Bride Mystery: सुहागरात के अगले दिन स्पाइडरमैन बनी दुल्हन, गहने-नकदी लेकर 23 फीट छत से कूदकर...

राहत दल ने तीन और शव बरामद किये

चीन सीमा के करीबी गांव के हादसे में सात की मौत

  • एक व्यक्ति अब भी लापता है

  • शेष मजदूरों को बचा लिया गया

  • घायलों का ईलाज किया जा रहा है

देहरादूनः उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा पर स्थित माणा गांव के पास शुक्रवार को हुए हिमस्खलन की चपेट में आकर लापता चल रहे तीन श्रमिकों के शव रविवार को खोज एवं बचाव दलों ने बरामद किए हैं। इससे पहले शनिवार रात चार श्रमिकों के शव बरामद किए गए थे। इस प्रकार अब तक कुल सात श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए हैं।

वहीं, देहरादून निवासी एक व्यक्ति अभी भी लापता है। आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने आज अपराह्न बताया कि लापता एक श्रमिक की तलाश जारी है। खोज एवं बचाव दलों द्वारा उसका रेस्क्यू किए जाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। अचानक हिमस्खलन होने के बाद से ही हिमालय के पहाड़ों पर लगातार बर्फवारी और बारिश की वजह से राहत अभियान बार बार बाधित हुआ है। यहां तक कि वहां तक पहुंच पथ के कई हिस्सों पर अब भी पहाड़ का मलवा जमा हुआ है। सेना के हेलीकॉप्टरों को भी इसी वजह से सही जगह पर उतारने में दिक्कत आयी है।

उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ में मृत श्रमिकों का पोस्टमार्टम किए जाने की कार्यवाही गतिमान है। मृतकों के शवों को उनके घर पहुंचाने के लिए प्रशासन द्वारा व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने बताया कि सुरक्षित रेस्क्यू किए गए 44 श्रमिकों को ज्योतिर्मठ में सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां सभी की स्थिति सामान्य है।

उनके उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है तथा उनकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।  श्री सुमन ने बताया कि गंभीर रूप से घायल दो श्रमिकों का एम्स, ऋषिकेश में उपचार किया जा रहा है। एम्स, ऋषिकेश प्रशासन से प्राप्त सूचना के अनुसार उनकी स्थिति में सुधार है। इस हादसे को लेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से संपर्क कर उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था।