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भारतीय नागरिकों को लेकर अमृतसर पहुंचा विमान

अवैध अप्रवासियों को लेकर अपने वादे पर अटल है ट्रंप

  • पहली खेप में 104 लोग वापस भेजे गये

  • सबसे अधिक लोग पंजाब राज्य के हैं

  • केंद्र सरकार की सहमति से लौटे लोग

राष्ट्रीय खबर

अमृतसरः अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 निर्वासित अवैध भारतीय प्रवासियों के पहले जत्थे के तौर पर को 104 भारतीयों को लेकर बुधवार को अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दोपहर बाद 1.55 बजे उतरा। सूत्रों ने बताया कि निर्वासितों में से 30 लोग पंजाब से हैं, 33-33 हरियाणा और गुजरात से, तीन-तीन महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से और दो चंडीगढ़ से हैं।

प्रारंभिक पूछताछ और सत्यापन के बाद, प्रशासन ने उन्हें पंजाब और हरियाणा में उनके निवास स्थान पर वापस भेजने की व्यवस्था की है। डोनाल्ड ट्रम्प के अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद, वहां की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।

अवैध तरीकों से अमेरिका में प्रवेश करने वालों पर कार्रवाई करने के आदेश देने के बाद यह अवैध भारतीय प्रवासियों का पहला जत्था है, जिसे निर्वासित किया जा गया है।  पंजाब के कई लोग, जो लाखों रुपये खर्च करके अवैध तरीकों से अमेरिका में प्रवेश कर गये थे, वे अब निर्वासन का सामना कर रहे हैं।

विमान से लाये गये 80 प्रतिशत अवैध प्रवासी 20 और 30 वर्ष की उम्र के हैं, जबकि 12 लोग 16 वर्ष से कम उम्र के हैं, जिनमें चार और पांच साल की उम्र के दो बच्चे शामिल हैं। कुल 104 यात्रियों में से 12 प्रवासी 16 साल से कम के है, जिनमें चार और पांच साल के दो बच्चे भी शामिल हैं। एक चार साल का बच्चा गुजरात के मेहसाणा का रहने वाला है।

विमान में सबसे उम्रदराज यात्री मुंबई के 44 वर्षीय गुरविंदर सिंह हैं। पंजाब के 30 मूल निवासियों में से सबसे ज्यादा छह लोग राज्य के दोआबा के एनआरआई बेल्ट में कपूरथला जिले के हैं। पांच निर्वासित अमृतसर के निवासी हैं, चार-चार जालंधर और पटियाला से, दो-दो होशियारपुर तथा लुधियाना और शहीद भगत सिंह नगर से और एक-एक फतेहगढ़ साहिब, इस सी-17 सैन्य विमान ने कल टेक्सास के एक हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी।

सूत्रों ने बताया है कि विमान में सवार प्रत्येक निर्वासित भारतीय नागरिक की सत्यापन की गई है, जो इस प्रक्रिया में नई दिल्ली की भागीदारी को दर्शाता है। यह संभवतः ऐसी कई उड़ानों में से पहली है जो अमेरिका में अवैध भारतीय अप्रवासियों को वापस लाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालने के तुरंत बाद ट्रंप ने अवैध अप्रवासियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है।

इससे पहले, अमेरिकी सैन्य विमान ग्वाटेमाला, पेरू और होंडुरास में निर्वासित अप्रवासियों को वापस ला चुके हैं। भारतीय नागरिकों के निर्वासन का पहला दौर ऐसी खबरों के बीच हुआ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह अमेरिका के लिए उड़ान भर रहे हैं। ट्रंप के दूसरी बार अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनकी पहली यात्रा होगी।