Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chhattisgarh Assembly Session 2026: विधानसभा में गूंजा शराब घोटाला, भूपेश बघेल ने मांगी रिकवरी की जा... पॉश इलाके की कोठी में 'गंदा धंधा'! पुलिस की रेड में संचालिका और ग्राहक रंगे हाथों गिरफ्तार; हिरासत म... 15 साल का इंतजार और अब 'इंकलाब'! बैगा आदिवासियों के सब्र का बांध टूटा; अपनी ही जमीन के पट्टे के लिए ... सतना में जल संकट पर कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा 'एक्शन'! अब टैंकरों से घर-घर पहुँचेगा पानी; मंत्री ने अ... छतरपुर की बेटियों का दिल्ली में डंका! 3 महिला सरपंचों ने बदल दी गांव की तस्वीर; अब केंद्र सरकार के स... Chhatarpur LPG Raid: छतरपुर में अवैध गैस भंडारण पर बड़ी कार्रवाई, एक घर से 21 रसोई गैस सिलेंडर जब्त;... Jiwaji University Seniority List: जीवाजी यूनिवर्सिटी की वरिष्ठता सूची में बड़ी लापरवाही, मृतकों और स... भोपाल में फिल्मी स्टाइल में लूट! बीच सड़क प्रॉपर्टी डीलर की कार रोकी, चाकू अड़ाकर ₹55 लाख से भरा बैग... गैस संकट का साइड इफेक्ट! इंदौर की शादियों में अब लकड़ी-कंडे पर बनेगा खाना; प्रशासन ने कमर्शियल सिलें... Health System Failure: रास्ते में खराब हुई एंबुलेंस, घंटों धूप में पड़ा रहा किडनी का मरीज; सरकारी दा...

पार्थो चटर्जी को शीर्ष अदालत से जमानत

मामले से संबंधित कार्रवाई पूरी नहीं की केंद्रीय एजेंसियों ने

  • अदालत ने कुछ शर्तें रखी हैं

  • सिर्फ विधायक बने रहेंगे वह

  • भाजपा का आरोप फिर विफल

नईदिल्लीः उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में कथित शिक्षक भर्ती घोटाले के मुख्य आरोपी राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दर्ज धन शोधन मामले में एक फरवरी, 2025 से शुक्रवार को जमानत दी। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए कहा, याचिकाकर्ता को एक फरवरी 2025 को रिहा किया जाएगा।

यदि आरोप तय करने और गवाहों की जांच पहले की जाती है तो उन्हें उसके तुरंत बाद रिहा कर दिया जाएगा। पीठ ने यह भी कहा कि श्री चटर्जी को विधानसभा के सदस्य के अलावा किसी भी सार्वजनिक पद पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। शीर्ष अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश (जमानत का) केवल प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज किए गए धन शोधन मामले से संबंधित है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) सहित आरोपियों के खिलाफ किसी अन्य मामले से संबंधित नहीं है। न्यायमूर्ति सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने निचली अदालत को इस महीने आरोप तय करने और 30 जनवरी तक कमजोर गवाहों के बयान दर्ज करने का भी निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता आरोप तय करने को चुनौती दे सकता है, लेकिन गवाहों की जांच की जानी चाहिए। पीठ ने कहा कि उसने जमानत न्यायशास्त्र के सामान्य सिद्धांतों के अनुसार यह आदेश पारित किया।

अपने आदेश में पीठ ने यह भी कहा कि अपीलकर्ता के दावे को हजारों मेधावी अभ्यार्थियों (प्रभावित लोगों) पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव  की परिस्थितियों के मद्देनजर समझा गया। पीठ ने कहा कि विचाराधीन कैदी (अपीलकर्ता) को कैद करने से दंडात्मक हिरासत का मकसद पूरा नहीं हो सकता।

श्री चटर्जी को पश्चिम बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में उनकी कथित संलिप्तता के लिए ईडी ने 23 जुलाई 2022 को गिरफ्तार किया था और तब से उन पर धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत आरोप हैं। ईडी का दावा है कि इस मामले में उनसे बड़ी रकम भी बरामद की गई थी। उन्हें गिरफ्तारी के बाद मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सभी पदों से मुक्त कर दिया गया था।