Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Shahdol Train Fire: शहडोल में ट्रेन की बोगी में लगी भीषण आग, मची चीख-पुकार; जानें क्या रही वजह पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर युवक ने की खुदकुशी, भड़के ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर लगाया जाम; भारी तन... Agar Malwa News: स्कूल में परीक्षा दे रहे छात्रों पर मधुमक्खियों का हमला, 9 साल के मासूम की दर्दनाक ... Noida Digital Arrest: नोएडा में MBBS छात्रा सहित 3 महिलाएं 144 घंटे तक 'डिजिटल अरेस्ट', पड़ोसियों की... Nari Shakti Vandan Adhiniyam: पीएम मोदी ने फ्लोर लीडर्स को लिखा पत्र, महिला आरक्षण पर मांगा साथ; खरग... Meerut Ghost House: मेरठ के 'भूत बंगले' का खौफनाक सच, बेटी के शव के साथ 5 महीने तक क्यों सोता रहा पि... Dacoit Box Office Collection Day 2: 'धुरंधर 2' के बीच 'डकैत' की शानदार वापसी, 2 दिन में कमाए इतने कर... Iran-US Conflict: होर्मुज की स्थिति पर ईरान का कड़ा रुख, अमेरिका के साथ अगली बातचीत पर संशय; जानें क... Copper Vessel Water Benefits: तांबे के बर्तन में पानी पीने के बेमिसाल फायदे, लेकिन इन लोगों के लिए ह... IPL 2026: ऋतुराज गायकवाड़ पर गिरी गाज! सजा पाने वाले बने दूसरे कप्तान, नीतीश राणा पर भी लगा भारी जुर...

सरकार और चुनाव आयोग हैरानी में, गांव में कर्फ्यू लगा

बैलेट पेपर से चुनाव की पहल रोकी गयी

राष्ट्रीय खबर

 

मुंबईः गांव वाले ईवीएम के चुनाव परिणाम से संतुष्ट नहीं थे। इसलिए गांव वालों ने अपने स्तर पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने का एलान कर दिया। भले ही ग्रामीणों के इस पहल की कानूनी मान्यता नहीं थी पर सरकार इससे परेशान हो गयी और ऐसा प्रयास रोकने के लिए अब गांव में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

सोलापुर जिले के मालशिरस तहसील के एक छोटे से गांव मरकडवाड़ी के लोगों ने 3 दिसंबर को बैलेट पेपर का उपयोग करके पुनः चुनाव कराने का फैसला किया है। हालांकि, पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 5 दिसंबर तक गांव में कर्फ्यू लगा दिया है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, संविधान के अनुसार, चुनाव आयोग को ये चुनाव कराने का जिम्मा सौंपा गया है।

यह अब एक दिखावटी अभ्यास के अलावा और कुछ नहीं है। संदेह के मामले में उपलब्ध कानूनी उपाय चुनाव याचिका है। मालशिरस में 13,147 मतों के अंतर से जीतने के बावजूद, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा) के नवनिर्वाचित विधायक उत्तमराव जानकर ने मांग की थी कि बैलेट पेपर का उपयोग करके मतदान कराया जाए क्योंकि वह मरकडवाड़ी गांव में बढ़त हासिल करने में विफल रहे थे।

उनका मानना ​​है कि गांव में उनके सबसे वफादार मतदाता हैं, जिन्होंने पिछले चुनावों में लगातार उन्हें गांव में बढ़त दिलाई थी। इस बार, श्री जानकर के प्रतिद्वंद्वी भाजपा के राम सतपुते को 1,003 वोट मिले, जबकि उन्हें केवल 843 वोट मिले। गांव में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 1,900 है।

नाम न बताने की शर्त पर एक गांववासी ने कहा कि यह अविश्वसनीय है कि श्री जानकर को गांव में उनकी लोकप्रियता के बावजूद बढ़त नहीं मिली। जातिगत समीकरण भी है।

जानकर धनगर समुदाय से हैं, यह गांव भी धनगर बहुल गांव है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत स्तर पर एक साथ आकर तहसीलदार से दोबारा चुनाव कराने की अपील की, निवासी ने कहा।

उनका अनुरोध ठुकरा दिया गया, इसलिए ग्रामीणों ने खुद ही चुनाव कराने का फैसला किया है। हालांकि, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत मरकडवाड़ी गांव में कर्फ्यू लगा दिया गया है। गांव में कम से कम 50 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सोलापुर के पुलिस अधीक्षक अतुल कुलकर्णी ने कहा, हमने निवारक उपाय किए हैं।

हमने ग्रामीणों को यह भी समझाया है कि क्या वैध है और क्या अवैध है तथा उनके कार्यों के क्या परिणाम होंगे। निषेधाज्ञा लागू है; यदि लोग  फिर भी एक साथ आते हैं तो कानून लागू किया जाएगा। दूसरी तरफ ग्रामीण दलील दे रहे हैं कि, हम केवल यह जांच कर रहे हैं कि वोट कहां गए, क्या ईवीएम में कोई गलती है, तथा प्रशासन इस तरह की कवायद का विरोध क्यों कर रहा है। वे लोगों में भय पैदा कर रहे हैं, लेकिन चाहे कुछ भी हो, चुनाव कराए जाएंगे। हम तो सिर्फ सच क्या है, इसकी अपने स्तर पर जांच करना चाह रहे हैं। इसे लेकर प्रशासन का इतना भय ही हमारे संदेह को बढ़ा रहा है।