Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Asia Crisis: पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत का 'प्लान बी', LPG सप्लाई से लेकर नागरिकों की सुरक्ष... Purnia News: प्रेमी से झगड़े के बाद युवती ने नदी में लगाई छलांग, देवदूत बनकर आए ई-रिक्शा चालक ने बचा... Crime News: साली से शादी में रोड़ा बनी भाभी, देवर ने कुल्हाड़ी से काटकर उतारा मौत के घाट; आरोपी गिरफ... Meerut Central Market: मेरठ में कोहराम! सेटबैक हटाने के आदेश के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, घरों पर लगाए... UP-SIR Impact: यूपी में वोटरों की संख्या में ऐतिहासिक बदलाव, कम मतदाताओं वाली सीटों पर भी कम हुए वोट... क्या हाल ही में एक ब्लैक होल में विस्फोट हुआ? Katihar Road Accident: कटिहार में बस और पिकअप की भीषण टक्कर, 10 लोगों की मौत और 25 से ज्यादा घायल; र... बेईमानी का ऐसा हिसाब कि सात जन्मों तक रहेगा यादः मोदी बंगाल के मतदाताओं के मुद्दे पर अब शीर्ष अदालत गंभीर चुनावी चकल्लस में घात प्रतिघात के दौर के बीच शिष्टाचार

आईडीएफ ने हमास द्वारा प्रताड़ितों के वीडियो जारी किया

आतंकवादी संगठन हमास के क्रियाकलापों पर नई जानकारी

तेल अवीवः वर्ष 2018 से 2020 के दौरान गाजा पट्टी में हमास मिलिशिया द्वारा फिलिस्तीनी नागरिकों पर अत्याचार दिखाने वाले वीडियो क्लिप रविवार को इजरायल रक्षा बलों द्वारा प्रकाशित किए गए।

आईडीएफ ने कहा कि यह सामग्री क्षेत्र में उसके अभियानों के दौरान मिली थी और यह हमास आतंकवादी संगठन द्वारा नागरिक आबादी के खिलाफ किए गए गंभीर दुर्व्यवहार के साथ-साथ मानवाधिकारों के उल्लंघन और इसके शासन का विरोध करने वालों के उत्पीड़न को साबित करती है।

वीडियो में कथित तौर पर गाजा पट्टी के उत्तर में जबालिया शरणार्थी शिविर में तथाकथित आउटपोस्ट 17 में हमास के गुर्गों द्वारा किए गए अत्याचार को दिखाया गया है। सामग्री में लोगों को उनके सिर पर बैग रखे, बंधे हुए, कभी-कभी मुड़े हुए और दर्दनाक स्थिति में दिखाया गया है।

उनमें से एक व्यक्ति को उसके पैरों से छत से लटकाया गया है और उसके पैरों के तलवों पर डंडे से पीटा जा रहा है।पीड़ितों में हमास के राजनीतिक विरोधी, इजरायल के संदिग्ध सहयोगी, संदिग्ध व्यभिचारी और समलैंगिक शामिल बताए गए हैं।

दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय का कहना है कि हमास और इजरायली बलों को 7 अक्टूबर, 2023 से किए गए युद्ध अपराधों के लिए जवाबदेही का सामना करना चाहिए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल तक गाजा में सत्यापित हताहतों में से 70 फीसद महिलाएं और बच्चे थे। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने शुक्रवार को 32-पृष्ठ की रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें गाजा में और इजरायली नागरिकों पर युद्ध के दौरान इजरायल, हमास और अन्य सशस्त्र फिलिस्तीनी समूहों द्वारा संभावित युद्ध अपराधों और मानवाधिकारों के उल्लंघन का आकलन किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने कहा, यह आवश्यक है कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोपों के संबंध में उचित जवाबदेहिता हो।

तुर्क ने कहा, युद्ध के नियम, जो अब 160 वर्षों से लागू हैं, सशस्त्र संघर्ष के समय मानवीय पीड़ा को सीमित करने और रोकने के लिए बनाए गए थे। उनकी बेतहाशा अनदेखी ने मानवीय पीड़ा की वर्तमान चरम सीमा को जन्म दिया है, जिसे हम आज भी देख रहे हैं। रिपोर्ट में तत्काल युद्ध विराम का आग्रह किया गया।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजनयिक मिशन ने रिपोर्ट की आलोचना करते हुए लिखा,यूएन का यह संगठन एक बार फिर जमीनी हकीकत को सही ढंग से दर्शाने में विफल रहा है, और गाजा में जानबूझकर नागरिकों को नुकसान पहुंचाने में हमास और अन्य आतंकवादी संगठनों की व्यापक भूमिका की अनदेखी करता है।