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जोर का झटका हाय जोरों से लगा .. .. .. ..


 

जोर का झटका देना अब हर पार्टी सीख गयी है। पहले सिर्फ भाजपा को इसमें महारत हासिल थी लेकिन समय बीतने के साथ साथ यह चुनावी दांव सभी दलों ने सीख लिया है। इसलिए महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनावों के साथ साथ कई अन्य राज्यों में होने वाले उपचुनावों में भी इस झटके को आजमाया जा रहा है। झारखंड की बात करें तो यहां तो ऑपरेशन लोट्स की उल्टी गंगा बहने लगी है। पहले लोग दूसरे दलों को छोड़कर भाजपा में चले जाते थे। यहां तो भाजपा और दूसरे दलों को छोड़कर लोग झामुमो में शामिल हो रहे हैं। उधर महाराष्ट्र का मामला पूरा खिचड़ी सा बन गया है। कौन किस दल से किधर गया, यह याद रखना कठिन होता जा रहा है। कुल मिलाकर हर किसी को जोर का झटका जोर से ही लग रहा है।

कई मायनों में अलग होते हुए भी चारों राज्यों में एक बात समान है। प्रत्येक में आगामी चुनावों में इंडिया गठबंधन की मुख्य पार्टी के साथ भाजपा विरोधी खेमे में विभिन्न दलों का मनोबल स्पष्ट हो गया है।

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ तालमेल की कमी के कारण कांग्रेस ने उपचुनाव में नौ सीटों में से किसी पर भी उम्मीदवार नहीं उतारे। यह निर्णय स्पष्टतः एक प्रकार के असहयोग का द्योतक है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी से हाथ मिलाने की संभावनाएं शुरू से ही कम थीं, अब खत्म हो गई हैं. असम और महाराष्ट्र में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. इसमें पश्चिम बंगाल का नाम भी जोड़ा जा सकता है। इस राज्य में इंडिया गठबंधन  पर पश्चिम बंगाल की मुख्य राजनीतिक पार्टी तृणमूल कांग्रेस की स्थिति शुरू से ही समस्याग्रस्त रही है, लेकिन वाम मोर्चा और सीपीआईएम के साथ कांग्रेस की समझ की कहानी विधानसभा में लगभग खत्म हो गई है।

इसी बात पर फिल्म एक्शन रिप्ले का एक गीत याद आ रहा है। इस गीत को लिखा था इरशाद कामिल ने और संगीत में ढाला था प्रीतम ने। इसे दलेर मेंहदी और रिचा शर्मा के अलावा मास्टर सलीम ने भी अपना स्वर दिया था। गाने में अक्षय कुमार, ऐश्वर्या राय के साथ नेता धूपिया को भी फिल्माया गया था।

गीत के बोल कुछ इस तरह हैं।

ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा
शादी बन गई उमर क़ैद की सज़ा, हाँ, सज़ा
ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा
शादी बन गई उमर क़ैद की सज़ा, हाँ, सज़ा
ये है उदासी, जान की प्यासी

शादी से अच्छा, तुम ले लो फाँसी
लाखों दुखों की होती है ये वजह, हाँ, वजह
ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा

शादी बन गई उमर क़ैद की सज़ा, हाँ, सज़ा
जिसकी शादी पर जाना, उसको इतना समझाना
हाँ, जिसकी शादी पर जाना, उसको इतना समझाना
“ना कर शादी, ये बर्बादी, फिर ना पछताना”

ओ, जिसकी शादी पर जाना, उसको इतना समझाना
“ना कर शादी, ये बर्बादी, फिर ना पछताना”
हाँ, मौक़ा है, पगले, शादी से बच ले
समझा ले दिल को, ये शादी को मचले
शादी के मंडप से तू ख़ुद को भगा, हाँ, भगा
ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा
सबसे पहले शादी था, यारों, जहाँ में जिसने की
उसको ढूँढो, पकड़ो, पीटो, ग़लती उसने की
हाँ, सबसे पहले शादी था, यारों, जहाँ में जिसने की
उसको ढूँढो, पकड़ो, पीटो, ग़लती उसने की
वो था सौदाई, बनके कसाई
उसने तो सबकी लुटिया डुबाई
पानी मिले ना, मारो ऐसी जगह, हाँ, जगह
हाँ, ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा

शादी बन गई उमर क़ैद की सज़ा, हाँ, सज़ा
ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा
शादी बन गई उमर क़ैद की सज़ा, हाँ, सज़ा
ज़ोर का झटका, हाय, ज़ोरों से लगा, हाँ, लगा

महाराष्ट्र में दोनों खेमा में सीटों के बंटवारे को लेकर आपस में भी टकराव जैसी स्थिति है और कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। लिहाजा चुनावी दंगल कुछ ऐसा हो गया है कि यह डब्ल्यू डब्ल्यू एफ का मंच हो गया है, जिसमें कौन किसे मार रहा है, यह पहले से पता लगाना मुश्किल है। इसलिए धीरज धरिए यानी तेल देखिए और तेल की धार देखिए पता नहीं किस तरफ चली जाएगी।

अब झारखंड की बात करें तो यहां को ऑपरेशन लोट्स उल्टा चल रहा है। आम तौर पर इस खेल में दूसरे दलों के नेता पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होते थे। कई राज्यों में इसकी वजह से सरकारें भी बदल गयी। लेकिन झारखंड में इसकी उल्टी चाल दिख रही है। लोग भाजपा अथवा एनडीए खेमा छोड़कर झामुमो में जा रहे हैं। झामुमो छोड़कर भाजपा में गये पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी कितने दिनों तक वहां रहेंगे, इस पर भी संदेह जाहिर किया जा रहा है। इसलिए जोर का झटका किसे और कितना लगेगा, यह देखने वाली बात होगी।