Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: चेन्नई से दिल्ली तक हलचल; एक्टर विजय ने सरकार बनाने के लिए क्यों मांगा कांग्रेस... Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर अब AI रखेगा नजर; दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU साइ... West Bengal CM Update: नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह; 8 मई को विधाय... West Bengal CM Race: कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस के बीच दिल्ली पहुंचीं अग्निमित्रा प... Crime News: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम, अपना ही प्राइवेट पार्ट काटा; अस्पताल में... Bihar Cabinet Expansion 2026: सम्राट कैबिनेट में JDU कोटे से ये 12 चेहरे; निशांत कुमार और जमा खान के... UP News: 70 साल के सपा नेता ने 20 साल की युवती से रचाया ब्याह; दूसरी पत्नी का आरोप- 'बेटी की उम्र की... प्लास्टिक के कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया MP Govt Vision 2026: मोहन सरकार का बड़ा फैसला; 2026 होगा 'कृषक कल्याण वर्ष', खेती और रोजगार के लिए 2... Wildlife Trafficking: भोपाल से दुबई तक वन्यजीवों की तस्करी; हिरण को 'घोड़ा' और ब्लैक बक को 'कुत्ता' ...

एक और अनशनकारी की तबियत बिगड़ी

देश भर में फैलता जा रहा है चिकित्सकों का आंदोलन

  • तीन में से एक ही हालत गंभीर

  • धर्मतला में भूख हड़ताल पर जारी

  • मुख्य सचिव के साथ वार्ता विफल

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः आरजी कर मेडिकल कॉलेज के मुद्दे पर जारी आंदोलन के क्रम में धर्मतला में भूख हड़ताल के दौरान बीमार पड़ने के बाद तीन जूनियर डॉक्टर अनिकेत महतो, अनुष्टुप मुखर्जी और पुलस्त्य आचार्य पहले से ही अस्पताल में भर्ती हैं। नील रतन सरकार मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन प्रमुख जयदीप देव ने कहा कि पुलस्त्य, जिन्हें रविवार रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उनकी हालत गंभीर है।

उधर, अनुष्टुप की शारीरिक स्थिति में पहले से सुधार हुआ है। अनिकेत अभी भी कमजोर है। सोमवार को मेडिकल बोर्ड उनके स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बैठेगा। उन्हें कई परीक्षणों से गुजरना होगा। अनिकेत, पुलस्त्य अनुष्टपुर के बाद रविवार रात धर्मतला में मंच पर बीमार पड़ गए। शाम से ही उनकी शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी। पेट में दर्द होने लगा। मतली के साथ था।

भूख हड़ताल पर डॉक्टरों ने उनकी जांच की। यह देखा जा सकता है कि मूत्र में कीटोन बॉडी की मात्रा भी बढ़ गई है। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला लिया गया। पुलस्त्य को एनआरएस में भर्ती कराया गया। पुलस्त्य के इलाज के लिए वहां पांच सदस्यीय मेडिकल टीम का भी गठन किया गया था। टीम में जनरल मेडिसिन, चेस्ट, कार्डियोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और एनेस्थीसिया विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं। वे पुलिस का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं।

सोमवार को डॉक्टर जयदीप देव ने कहा, रात में जब पुलस्त्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया तो उनकी शारीरिक स्थिति काफी गंभीर थी। उनके रक्त शर्करा का स्तर असामान्य रूप से कम था। यह संकट इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण पैदा हुआ था। लेकिन तुरंत उपचार से उनका रक्त शर्करा स्तर सामान्य हो गया।

जयदीप ने कहा, चूंकि पुलस्त्य लंबे समय से उपवास कर रहे हैं, इसलिए उन्हें सामान्य स्थिति में लौटने के लिए कुछ और समय की आवश्यकता होगी। शरीर में खून बह रहा है। वह पहले से थोड़ा स्वस्थ हैं। संकट ख़त्म नहीं हुआ है। लेकिन पुलिस बल फिलहाल स्थिर है। प्रयोग प्रगति पर हैं। प्रयोगों के नतीजे पहले से अधिक संतोषजनक हैं।

10 अक्टूबर की रात बीमार पड़ने के बाद अनिकेत को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अनुष्टुप को 12 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि अनिकेत का रक्तचाप सामान्य है। कीटोन का स्तर भी कम हो जाता है। 3 से घटाकर 1। रविवार रात से ही उन्हें ठोस आहार दिया जा रहा है। लेकिन उनका शरीर कमजोर है।

उधर, अनुष्टुप की हालत में सुधार हुआ है। अब काला मल नहीं। मल का रंग खाने जैसा होता है। उसे कुछ फलों का रस दिया जाता है। डॉक्टरों ने कहा कि अगर उनकी शारीरिक स्थिति में सुधार होता है, तो वे उन्हें सामान्य बिस्तर पर स्थानांतरित करने पर विचार करेंगे। दूसरी तरफ इस आंदोलन के समर्थन में देश भर के डाक्टरों के आंदोलन से राज्य सरकार अब असहज स्थिति में ह ।

मुख्य सचिव मनोज पंत के बुलावे पर स्वास्थ्य भवन में हुई बैठक में छह चिकित्सा संगठनों के कुल 18 प्रतिनिधि बैठे। 8 प्रतिनिधि पहले ही मुख्य सचिव से बात कर चुके हैं। फेडरेशन ऑफ मेडिकल एसोसिएशन फेमा के 69 मेडिकल एसोसिएशन हैं। लेकिन गौरतलब है कि इस बैठक में स्वास्थ्य सचिव नारायणस्वरूप निगम मौजूद हैं।

डब्ल्यूबीजेडीएफ पश्चिम बंगाल जूनियर्स डॉक्टर फोरम ने उनके इस्तीफे की मांग की। प्रत्येक चिकित्सा संगठन दावे का समर्थन करता है। ज्वाइंट प्लेटफार्म ऑफ डॉक्टर्स के प्रतिनिधि डॉ कौशिक चाकी ने मुख्य सचिव-गृह सचिव को द्रोह के कार्निवल में आमंत्रित किया। वरिष्ठ डॉक्टरों ने सरकार पर इस्तीफे का दबाव बनाया।

आज की बैठक में डॉक्टरों द्वारा सामूहिक इस्तीफे को लेकर स्पष्ट किया गया कि राज्य सरकार को इस्तीफे का प्रोफार्मा तैयार करने दें। यह मांग आईएमए के संयुक्त सचिव रंजन भट्टाचार्य ने उठाई। उन्होंने कहा, हम व्यक्तिगत इस्तीफे पर सहमत हैं। लिहाजा मुख्य सचिव की बैठक में भी अभी कोई ऐसी सहमति नहीं बनी है, जिससे आंदोलन के समाप्त होने का संकेत मिलता हो।