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बांग्लादेश सीमा पर बीएसएफ को बार बार परेशानी

पत्थर फेक रहे हैं उधर के गांव वाले

राष्ट्रीय खबर


 

कूचबिहारः बांग्लादेश सीमा पर कंटीले तारों की बाड़ लगाकर बांग्लादेशी आतंकियों के हमले के बावजूद भी बीएसएफ डटी हुई है। सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए कंटीले तारों की बाड़ और लाइटें लगा रहे बीएसएफ जवानों पर बांग्लादेशी आतंकियों ने हमला कर दिया।

सीमा पार उग्रवादियों ने कथित तौर पर कूच बिहार में मेखलीगंज सीमा पर भारतीय सीमा रक्षकों और ग्रामीणों पर पथराव किया। हालांकि, तमाम बाधाओं के बावजूद बीएसएफ लगातार काम कर रही है।

बांग्लादेश में अराजकता पैदा होने के बाद से भारत में घुसपैठ की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। और इसके लिए बिना कंटीले तारों की बाड़ वाली सीमाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है।

हालात से निपटने के लिए बीएसएफ ने बांग्लादेश सीमा पर सभी बिना बाड़ वाले इलाकों में कंटीले तारों की बाड़ लगाना शुरू कर दिया है।

बीएसएफ कूचबिहार में मेखलीगंज सीमा पर बागडोकरा, फुलकाडबरी, भुल्लरडांगा और नाकेरबारी में आपातकालीन उपाय के रूप में बिजली प्रदान कर रहा है।

बीएसएफ सूत्रों के मुताबिक, दहग्राम और अंगारपोटा सीमा के पास तीन बीघे के गलियारे का करीब 15 किमी हिस्सा बिना बाड़ वाला है। वहां अस्थायी बाड़ लगाने के दौरान भी सेना को हमले का शिकार होना पड़ा।

बीएसएफ कर्मी वहां कंटीले तारों की बाड़ लगाने जा रहे थे तो कुछ लोग चिल्लाने लगे कि सीमा पार से बाड़ नहीं लगाई जा सकती। इसके बाद उन्होंने बीएसएफ पर ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं। बीएसएफ के मुताबिक, दहग्राम-अंगरपोटा एन्क्लेव में कोई कंटीले तारों की बाड़ नहीं है।

वहां की सड़क भी अच्छी नहीं है। बीएसएफ को नदियों, नहरों, बांस के झुरमुटों के माध्यम से सीमा की रक्षा करनी होती है। सैनिक दिन में खेतों में खड़े होकर सीमा की रक्षा करते हैं। लेकिन उन्हें रात में सीमा की रखवाली करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। जैसे अंधेरे की आड़ में घुसपैठ हो रही है, वैसे ही तस्करी भी हो रही है। रोकने पर ही बांग्लादेशी उपद्रवी सीमा पर हथियारों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय क्षेत्र के गांवों के लोगों में दहशत फैल गयी है। हालांकि, बीएसएफ ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया है।