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ले पेन यूक्रेन को लंबी दूरी के मिसाइल देने के खिलाफ

फ्रांस के चुनाव में बढ़त में है दक्षिणपंथी संगठन

पेरिसः फ्रांस के दक्षिणपंथी नेता ले पेन यूक्रेन के लिए लंबी दूरी के हथियारों के खिलाफ हैं। मरीन ले पेन ने कहा है कि सुदूर दक्षिणपंथी नेशनल रैली (आरएन) यूक्रेन को रूसी आक्रमण से लड़ने में फ्रांसीसी लंबी दूरी के हथियारों का उपयोग करने की अनुमति नहीं देगी, भले ही मौजूदा संसदीय चुनावों के बाद सरकार में पार्टी की भूमिका हो।

अमेरिकी प्रसारक को दिए गए अपने बयान में, 2027 के राष्ट्रपति चुनावों में आरएन के संभावित उम्मीदवार ले पेन ने कहा कि आरएन सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि यूक्रेन में किसी भी परिस्थिति में फ्रांसीसी सैनिक तैनात न हों। इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन द्वारा यूक्रेनी बलों को प्रशिक्षित करने में मदद करने के लिए यूक्रेन में फ्रांसीसी सैनिकों को भेजने से इनकार करने के बाद ले पेन आरएन की स्थिति की पुष्टि कर रहे थे।

इस बात पर सहमत होते हुए कि यूक्रेन को रूसी आक्रमण के खिलाफ खुद का बचाव करने में सक्षम होना चाहिए, आरएन नेता जॉर्डन बार्डेला ऐसे हथियारों की आपूर्ति के खिलाफ सामने आए हैं जो युद्ध में वृद्धि का कारण बन सकते हैं। उन्होंने कहा है कि फ्रांस को यूक्रेन को मिसाइलों और रूसी क्षेत्र पर हमला करने में सक्षम अन्य हथियारों की आपूर्ति नहीं करनी चाहिए।

उनके मुताबिक इससे शांति के बदले युद्ध की आशंका और बढ़ती जा रही है। उनका यह बयान यूरोपिय यूनियन के अन्य सदस्य देशों के प्रमुख नेताओं की सोच से मेल नहीं खाता है। दूसरी तरफ रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन पहले ही यह कह चुके हैं कि यूक्रेन को आगे कर पश्चिमी देश रूस के खिलाफ छद्म युद्ध लड़ रहे हैं।

युद्ध के मैदान में कई विदेशी सैनिकों के मारे जाने अथवा गिरफ्तार किये जाने से इस आरोप की पुष्टि भी हुई है। रविवार को दूसरे दौर के मतदान के बाद आरएन फ्रांस की सरकार में अहम भूमिका निभाने की कोशिश कर रही है। उसे उम्मीद है कि अगर उसे नेशनल असेंबली में बहुमत मिल जाता है तो प्रधानमंत्री उनका ही होगा। वर्तमान राष्ट्रपति मैक्रों ने विरोधियों को कई दलों में बांटकर चुनाव जीतने की योजना बनायी थी। तमाम विरोधियों के अचानक एकजुट होने की वजह से मैंक्रों की यह योजना बैक फायर कर गयी है, ऐसा प्रतीत होता है।