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ईटानगर में बादल फटने से मची तबाही

पूर्वोत्तर के अनेक इलाकों में बाढ़ का भयानक मंजर


  • बाढ़ से कई मकान और वाहन क्षतिग्रस्त

  • असम में हालात अब भी भयावह हुए

  • मोदी शाह ने वादा कर धोखा दियाः खडगे


भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी :अरुणाचल प्रदेश की राजधानी में कल सुबह बादल फटा। कई इलाकों में भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। प्रदेश में पिछले कुछ हफ्तों से मूसलाधार बारिश हो रही है। पिछले दो दिनों में स्थिति में सुधार भी हुआ, लेकिन रविवार को बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं था। हाईवे-415 पर जलभराव होने से कई वाहन फंसे हुए हैं। वहीं मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश का मालवा इलाके के अलावा  नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है जिसके बाद माना जा रहा है कि इनमें से कुछ इलाकों में बाढ़ आ सकती है।

आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह लगभग 10:30 बजे बादल फटने की घटना के बाद ईटानगर के कई हिस्सों में और उसके आसपास के इलाकों से भूस्खलन की खबरें हैं। प्रशासन ने सात स्थानों पर राहत शिविर लगाए हैं और लोगों को नदियों के किनारे और भूस्खलन के खतरे वाले क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी है। पूर्वोत्तर के नाजुक हालात को देखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने मानसून के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में आने वाली बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की।

उन्होंने कहा कि बाढ़ से निपटने और कृषि, सिंचाई और पर्यटन को विकसित करने में मदद के लिए ब्रह्मपुत्र के पानी को मोड़ने के लिए पूर्वोत्तर में कम से कम 50 बड़े तालाब बनाए जाने चाहिए। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि राज्य में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। यहां अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य के 10 जिलों में 1.17 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित है। इन जिलों के 27 राजस्व क्षेत्र के 968 गांव बाढ़ से जलमग्न हो गए हैं। अधिकारी वर्तमान में 134 राहत शिविर और 94 राहत वितरण केंद्र संचालित कर रहे हैं, जहां कुल 17,661 लोगों ने शरण ले रखी है।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाजाली, बारपेटा, कछार, दरांग, गोलपारा, कामरूप, करीमगंज और नलबाड़ी जिलों में 2,07,500 से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। करीमगंज सबसे अधिक प्रभावित है, जहां 1.1 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, इसके बाद कछार में लगभग 52,500 और दरांग में लगभग 30,000 नागरिक बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं।

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र और असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर राज्य को बाढ़ मुक्त बनाने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रहकर लोगों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया। खड़गे ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि मोदी सरकार और असम सरकार प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता, राहत और मुआवजा प्रदान करेगी।