Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Tamil Nadu Politics: चेन्नई से दिल्ली तक हलचल; एक्टर विजय ने सरकार बनाने के लिए क्यों मांगा कांग्रेस... Delhi Air Pollution: दिल्ली के प्रदूषण पर अब AI रखेगा नजर; दिल्ली सरकार और IIT कानपुर के बीच MoU साइ... West Bengal CM Update: नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले कोलकाता पहुंचेंगे अमित शाह; 8 मई को विधाय... West Bengal CM Race: कौन होगा बंगाल का अगला मुख्यमंत्री? सस्पेंस के बीच दिल्ली पहुंचीं अग्निमित्रा प... Crime News: पत्नी से विवाद के बाद युवक ने उठाया खौफनाक कदम, अपना ही प्राइवेट पार्ट काटा; अस्पताल में... Bihar Cabinet Expansion 2026: सम्राट कैबिनेट में JDU कोटे से ये 12 चेहरे; निशांत कुमार और जमा खान के... UP News: 70 साल के सपा नेता ने 20 साल की युवती से रचाया ब्याह; दूसरी पत्नी का आरोप- 'बेटी की उम्र की... प्लास्टिक के कचरे से स्वच्छ ईंधन बनाया MP Govt Vision 2026: मोहन सरकार का बड़ा फैसला; 2026 होगा 'कृषक कल्याण वर्ष', खेती और रोजगार के लिए 2... Wildlife Trafficking: भोपाल से दुबई तक वन्यजीवों की तस्करी; हिरण को 'घोड़ा' और ब्लैक बक को 'कुत्ता' ...

यूक्रेन के मोर्चे पर मारा गया तेजिंदर

देश में लगातार प्रयास के बाद भी नौकरी नहीं मिली

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः वह भारत की सेवा करना चाहता था, लेकिन उसने रूस के लिए अपनी जान दे दी। यूक्रेन के युद्ध में मारे गए व्यक्ति की पत्नी ने ऐसा कहा। तेजपाल सिंह की मौत को तीन महीने हो चुके थे। तीन महीने तक अमृतसर में उनका परिवार अपने बेटे से संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रहा था, जो रूसी सेना में सहायक के तौर पर शामिल होने के लिए घर से मीलों दूर चला गया था।

9 जून को ही 30 वर्षीय परमिंदर कौर को रूसी सेना में भर्ती हुए एक अन्य भारतीय मूल के व्यक्ति का फोन आया कि उसके पति की रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर 12 मार्च 2024 को ही मौत हो गई है। परमिंदर ने 29 वर्षीय तेजपाल से 3 मार्च को बात की थी, जब उसने उसे बताया था कि उसे रूसी सेना द्वारा अग्रिम मोर्चे पर भेजा जा रहा है। वह रूस पहुंचने के अगले दिन यानी 12 जनवरी को सेना में शामिल हुआ था। बताया जाता है कि यूक्रेन में रूस के युद्ध में मारे गए दो नवीनतम भारतीयों में से एक तेजपाल है।

विदेश मंत्रालय ने 11 जून को एक प्रेस बयान में बताया कि रूसी सेना में भर्ती हुए दो भारतीय नागरिक हाल ही में रूस-यूक्रेन संघर्ष में मारे गए। इसमें कहा गया कि भारतीय अधिकारियों ने मृतकों के शव को जल्द से जल्द वापस लाने के लिए अपने रूसी समकक्षों पर दबाव डाला है। तेजपाल पंजाब के अमृतसर के पालम विहार के रहने वाले थे, जहाँ उनके पिता प्रीतपाल सिंह किराने की दुकान चलाते हैं।

उनकी पत्नी परमिंदर ने कहा, तेजपाल बहुत जानकार थे और बहुत सी चीज़ों के बारे में जानने के लिए उत्सुक थे। वह 12वीं पास थे और परिवार को चलाने के लिए बेसब्री से नौकरी की तलाश कर रहे थे, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली

उन्होंने कहा कि पहले कोविड महामारी और लॉकडाउन ने तेजपाल को बेरोज़गार कर दिया था, लेकिन सेना में शामिल होने का उनका सपना भी टूट गया। वह भारतीय सेना में शामिल होने के लिए बहुत उत्सुक थे, लेकिन उनकी उम्र हो गई थी और वह अब आवेदन नहीं कर सकते थे। परमिंदर की मुलाकात तेजपाल से 2016 में साइप्रस में हुई थी और अगले साल दोनों ने शादी कर ली।

जब हम साइप्रस में थे, तो हम गर्वित भारतीय और गर्वित पंजाबी थे। जब भी कोई विदेशी भारत को गरीब या बेरोजगार कहता, तो तेजपाल देश की प्रतिष्ठा बचाने के लिए उनसे बहस करते। लेकिन यह अफ़सोस की बात है कि उनकी मृत्यु इसलिए हुई क्योंकि उनका देश उन्हें नौकरी नहीं दे सका।