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छह मार्च को दिल्ली मार्च करेंगे आंदोलनकारी किसान

संगठन के नेताओं की बैठक के बाद लिया गया फैसला

  • केंद्र सरकार से वार्ता बेनतीजा रही

  • रेल पटरियों को भी रोक देंगे अब

  • मोदी का पूर्व वादा निभाने की मांग

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने रविवार को घोषणा की कि वे 6 मार्च (बुधवार) को राष्ट्रीय राजधानी तक अपना मार्च फिर से शुरू करेंगे। प्रदर्शनकारी किसान 10 मार्च को देशभर में रेल पटरियों को भी अवरुद्ध करेंगे। पंढेर ने कहा, हमने 6 मार्च को दिल्ली तक मार्च करने का फैसला किया है। इस बीच, 10 मार्च को हम दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक (देश भर में) रेल पटरियों को अवरुद्ध करेंगे। एक सप्ताह पहले चंडीगढ़ में केंद्र सरकार के साथ हुई चौथे दौर की वार्ता बेनतीजा रही थी, जिसके बाद किसानों को अपना दिल्ली चलो विरोध फिर से शुरू करना पड़ा।

बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि सरकार के पास प्रदर्शनकारी किसानों के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की तत्काल कोई योजना नहीं है, लेकिन वह जल्द ही कोई समाधान निकालेगी। मुंडा ने कहा, बातचीत फिर से शुरू करने की तत्काल कोई योजना नहीं है, लेकिन सरकार जल्द ही किसानों की चिंताओं का समाधान ढूंढ लेगी। किसानों ने अपना दिल्ली चलो मार्च 29 फरवरी तक रोक दिया था, लेकिन पंजाब-हरियाणा सीमा पर रुके हुए थे।

किसानों के दिल्ली चलो मार्च के मद्देनजर सील किए गए सिंघू और टिकरी सीमा बिंदुओं को लगभग दो सप्ताह बाद शनिवार को अधिकारियों ने आंशिक रूप से फिर से खोल दिया। 13 फरवरी को दो सीमा बिंदुओं को सील कर दिया गया था क्योंकि पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कृषि ऋण माफी सहित अपनी मांगों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाले केंद्र पर दबाव बनाने के लिए अपना दिल्ली चलो मार्च शुरू किया था।

किसान नेताओं ने हाल ही में एमएसपी पर कपास, दालों और मक्के की 5 साल की सुनिश्चित खरीद के सरकार के प्रस्ताव को यह कहते हुए ठुकरा दिया था कि यह प्रस्ताव उनके हित में नहीं है, उन्होंने कहा कि वे सिर्फ दालों के लिए नहीं बल्कि सभी 23 फसलों के लिए कानूनी एमएसपी गारंटी चाहते हैं। आंदोलनकारी नेता केंद्र सरकार से खुद नरेंद्र मोदी द्वारा दिये गये आश्वासन की पूर्ति चाहते हैं। तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने के दौरान केंद्र सरकार ने किसानों से यह वादा किया था। जिसके आधार पर आंदोलन खत्म किया गया था।

किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण पंजाब को डीजल और सिलेंडर गैस के बड़े संकट का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब में डीजल और एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधाओं और सुरक्षा मुद्दों के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है।