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ईवीएम की चोरी से चुनाव आयोग आतंकित क्यों

चोरों से माल बरामद भी कर लिया गया

राष्ट्रीय खबर

मुंबई: सोमवार सुबह पुणे के सासवड में एक स्ट्रॉन्गरूम से एक डेमो ईवीएम चोरी हो गई, जिसके बाद चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव नितिन करीर को पत्र लिखकर तीन उप-जिला अधिकारियों को निलंबित करने का निर्देश दिया। बुधवार को 21 वर्षीय दो लोगों को गिरफ्तार किया गया और ईवीएम बरामद की गई।

इस डेमो ईवीएम की चोरी की सूचना पर चुनाव आयोग ने जिस तेजी से प्रतिक्रिया दी, उसने फिर से ईवीएम को लेकर उठ रहे सवालों को और मजबूत कर दिया है। दरअसल आयोग ने इन मशीनों को हैकप्रूफ बताते हुए बार बार दावा किया है कि इनमें गड़बड़ी नहीं की जा सकती है।

लेकिन आयोग ने इसकी डिजाइन और सोर्स कोड को गोपनीय रखा है। दूसरी तरफ एक वरिष्ठ नौकरशाह ने चुनाव आयोग को सार्वजनिक पत्र लिखकर इस मशीन को बनाने वाली कंपनी में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं के निदेशक होने पर सवाल उठाये थे।

पुलिस के मुताबिक यह एक डेमो ईवीएम थी, लेकिन चोरी की घटना ने लोकसभा चुनाव से पहले वोटिंग मशीनों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। जबकि अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि ईवीएम प्रशिक्षण और जागरूकता उद्देश्यों के लिए थी, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीकांत देशपांडे ने कहा, यह एक गंभीर मामला है और चुनाव आयोग ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया है।

गिरफ्तार किए गए दो संदिग्धों, शिवाजी बंदगर और अजिंक्य सालुंके ने अपराध कबूल कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे तीसरे संदिग्ध को अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है। पुलिस ने कहा कि तीन लोग पुराना वाडा समझकर कार्यालय में दाखिल हुए और ब्रीफकेस समझकर ईवीएम चुरा लिया

न जाने इसके साथ क्या किया जाए, उन्होंने इसे फेंक दिया। ईवीएम बंदगर के एक खेत के शेड से सही सलामत पाई गई। दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 जनवरी तक रिमांड पर लेने का आदेश दिया गया। बंदगर एक अपराधी है, जिस पर हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ और दंगे के मामले दर्ज हैं, जबकि सालुंके का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

इसके बाद भी चोरी के बाद से ईवीएम के साथ कोई छेड़खानी हुई है अथवा नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने उस कार्यालय की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों को भी निलंबित करने की अनुशंसा कर दी है। आयोग की इस तेजी से दरअसल ईवीएम की निष्पक्षता पर फिर से सवाल उठ रहे हैं। अभी हाल ही में कई लोगों ने इस किस्म के डेमो ईवीएम के जरिए यह दिखाया है कि इसमें कैसे गड़बड़ी की जा सकती है।