Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज पर बादलों को चीरती गुजरी वंदे भारत, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने... जयपुर में दो दोहरे मर्डर केस का खुलासा: शराब के खर्च और बकरियों की रखवाली के विवाद में हत्या, 3 गिरफ... समस्तीपुर में दर्दनाक वारदात! खेत में चारा लेने गई नाबालिग से गैंगरेप, पीड़िता की हालत गंभीर "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अटूट अंग थे, हैं और रहेंगे": NYT के 'Pakistani Kashmir' शब्द पर भारत... दिल्ली में कांवड़ यात्रा को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी! जानें 11 अगस्त तक कौन-कौन से रास्ते रहेंगे ब... गुरुग्राम की 'लुटेरी दुल्हन' गिरफ्तार! प्यार के जाल में फंसाकर ऐंठे 21 लाख, 13 मुकदमों का खुलासा बांकीपुर उपचुनाव में वोटिंग के बीच सियासी घमासान, बीजेपी ने जन सुराज पर लगाया फर्जी मतदान का आरोप आरएसएफ नेता ने अपने लड़ाकों को खुली छूट दी जापान के फुजिसावा शहर में नये किस्म का वैचारिक तनाव बढ़ा 'वंदे मातरम' का अपमान अब अपराध! राज्यसभा में बिल पास; कांग्रेस के वॉकआउट पर नित्यानंद राय का तीखा हम...

यूक्रेन की सेना खुद को अधिक सुरक्षित बनाना चाहती है

कियेबः यूक्रेन खुद को हमलों से बचाने के लिए रूसियों को निप्रो नदी के बाएं किनारे पर खेरसॉन से पीछे धकेलने की कोशिश कर रहा है। खेरसॉन मोर्चे पर निप्रो नदी के बाएं किनारे पर यूक्रेनी सशस्त्र बलों का एक लक्ष्य नागरिकों की रक्षा के लिए रूसियों को दाहिने किनारे से और दूर धकेलना है।

इसके तहत यूक्रेनी रक्षा बलों ने खेरसॉन मोर्चे पर डीनिप्रो नदी के बाएं किनारे पर कई सफल कार्रवाइयां कीं। तोड़फोड़, छापेमारी और टोह लेने की कार्रवाई की जा रही है। कब्जाधारियों को गोला-बारूद और भोजन की रसद आपूर्ति के तरीकों की पहचान की जा रही है। विनाश के पारंपरिक तरीकों से उनके आगे विनाश के लक्ष्य के साथ रूसी कब्जे वाले बलों, तोपखाने की स्थिति आदि के कर्मियों और उपकरणों के स्थान पर टोही की जा रही है। भारी लड़ाई जारी है। इस कार्य का एक मुख्य लक्ष्य नागरिक आबादी को लगातार रूसी हमलों से बचाने के लिए दुश्मन को दाहिने किनारे से यथासंभव दूर धकेलना है। रूसी तोपखाना ख़ेरसन से जितना दूर होगा, उतना अच्छा होगा।

यूक्रेन के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने रूसी सेना को महत्वपूर्ण नुकसान पहुंचाया, उपकरण और कर्मियों को नष्ट कर दिया। किलेबंदी की काफी गंभीर रेखा और रूसियों के मजबूत प्रतिरोध के बावजूद, जनरल स्टाफ ने कहा कि कई सफल ऑपरेशन किए गए।

रूसी यूक्रेनी सैनिकों को उनकी स्थिति से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके कारण उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। खास तौर पर कब्जाधारी लगभग हर दिन चार से दस ऐसी कोशिशें करते हैं। बाद के महत्वपूर्ण नुकसानों के परिणामस्वरूप, रूसियों को अन्य मोर्चों से इकाइयों को फिर से तैनात करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

इस किस्म की रणनीति का असली मकसद नजदीक आते कड़ाके की ठंड के बीच यूक्रेनी सेना का खुद को सुरक्षित रखना है। रूसी तोपखाना के दूर होने पर यह सुरक्षा काफी बेहतर होगी। पिछले जाड़े में इसी इलाके में रूसी सेना ने तबाही मचा दी थी।