Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Panipat Crime News: बहरामपुर में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत; मायके पक्ष का आरोप- 'ससुराल वालों ने जबर... Haryana Weather Update: भीषण गर्मी से मिली बड़ी राहत; बारिश के बाद तापमान में 7 डिग्री की गिरावट, 5 द... Panipat Corruption News: पशु लोन पास कराने के बदले घूस लेना पड़ा भारी; एंटी करप्शन ब्यूरो ने VLDA को ... Ambala Bomb Threat: खालिस्तान नेशनल आर्मी की धमकी से दहला अंबाला; नगर निगम, कोर्ट और रेलवे स्टेशन को... Haryana Smart Meter News: हरियाणा में 31 अगस्त से शुरू होगा स्मार्ट मीटर लगाने का काम; केंद्रीय मंत्... Amritsar Student Suicide: 20 हजार फीस के लिए प्रताड़ना! स्कूल मैनेजमेंट से तंग आकर 17 वर्षीय छात्रा न... Ghaziabad Crime News: सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'; अवैध चल रहे 3 मदरसे सी... Bihar Madrasa Inspection: बिहार में सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों का होगा भौतिक सत्यापन; शिक्षा विभाग... Rewa Crime News: शव वाहन में हो रही थी बकरियों की तस्करी; रीवा पुलिस ने किया गिरोह का भंडाफोड़, ड्रा... Jabalpur Lokayukta Action: जमीन सीमांकन के बदले 80 हजार की घूस लेते राजस्व निरीक्षक गिरफ्तार; लोकायु...

मैदान छोड़ने को तैयार नहीं मराठा क्षत्रप

  • कहा मेरे लिए कोई नई बात नहीं है यह

  • पहले भी जो छोड़ गये थे चुनाव हार गये

  • अब कमसे कम कोई शिकायत नहीं कर सकता

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः महाराष्ट्र के राजनीतिक पर्दे पर चल रही फिल्म में सस्पेंस के दृश्य अभी बाकी है। कल ऐसा माना गया था कि भाजपा के साथ हाथ मिलाकर अजीत पवार ने अपने ही चाचा को पटखनी दे दी है। अब चौबीस घंटे के घटनाक्रमों से यह साफ हो गया है कि एनसीपी के संस्थापक नेता शरद पवार बिना युद्ध के मैदान नहीं छोड़ने जा रहे हैं। इसलिए महाराष्ट्र में अभी कई और उतार चढ़ाव होने शेष हैं।

शरद पवार ने कहा कि वह अजीत के फैसले से शर्मिंदा नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘आज जो कुछ हुआ उससे मैं बिल्कुल भी शर्मिंदा नहीं हूं। उनके शब्दों में, यह कोई नई बात नहीं है। 1980 में हमारे पास 58 विधायक थे। इसके बाद सभी लोग चले गये। केवल छह विधायक थे। इसके बावजूद मैं पलट गया। जिन्होंने मुझे छोड़ा, वे अपने केंद्र में हार गये।

जिन लोगों ने पार्टी अनुशासन का उल्लंघन कर शपथ ली है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उस बैठक में पार्टी के अंदर कुछ बदलाव किये गये। शरद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अजीत ने उससे पहले अलग रुख अपनाया था। इस दिग्गज राजनेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी हमला बोला है। उन्होंने कहा, दो दिन पहले प्रधानमंत्री ने एनसीपी के बारे में दो बातें कही थीं।

एक तो यह कि एनसीपी पार्टी का सफाया हो गया है। उन्होंने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। मुझे खुशी है कि मेरी पार्टी के कुछ सहयोगियों ने एनडीए सरकार में शपथ ली। इससे स्पष्ट है कि हम सभी शिकायतों से मुक्त हैं। हम उनके (प्रधानमंत्री) आभारी हैं।

पवार ने कहा कि अगले कुछ दिनों में सभी को पता चल जाएगा कि अजीत और अन्य राकांपा विधायकों ने भाजपा सरकार से हाथ क्यों मिलाया। एनसीपी के जीतेंद्र अव्हाड को महाराष्ट्र में विपक्ष का नेता बनाया गया है।

दूसरी तरफ महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अजीत ने प्रधानमंत्री की तारीफ की। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश विकास कर रहा है। वह (प्रधानमंत्री) अन्य देशों में भी लोकप्रिय हैं। मैं आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष से लड़ूंगा। इसलिए मैंने ये फैसला लिया है।

इस संदर्भ में शरद के भतीजे ने कहा कि एनसीपी पार्टी उनके साथ है। वे भविष्य के सभी चुनाव पार्टी के नाम और चिन्ह पर लड़ेंगे।  अजीत रविवार को अचानक उस अटकल पर विराम लगा देंगे। रविवार दोपहर अचानक अजीत इन विधायकों के साथ राजभवन पहुंच गए। इसके बाद उन्होंने शिंदे-भाजपा सरकार से हाथ मिला लिया।

पवार के भतीजे ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ एनसीपी के आठ अन्य विधायकों ने भी शपथ ली। वे हैं छगन भुजबल, दिलीप वालसे पाटिल, अदिति तटकरे, धनंजय मुंडे, हसन मुशर्रिफ, धर्मराज बाबाराव अत्राम, संजय बनसोडे और अनिल वैदास पाटिल। अजीत ने दावा किया कि उन्हें एनसीपी के 53 में से 43 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

दरअसल, दलबदल कानून से बचने के लिए अजीत को 36 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। लेकिन क्या अजीत पवार को इतने सारे विधायकों का समर्थन प्राप्त हैं, इस पर सवाल उठ गये हैं।

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजीत पवार पर अपना रुख बदल लिया है। शिंदे की पार्टी ने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि अगर अजीत भाजपा के साथ उनके गठबंधन में शामिल हुए तो वह सरकार छोड़ देंगे। रविवार को 180 डिग्री के उलटफेर में शिंदे ने गठबंधन सरकार के दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में अजीत का स्वागत किया।

उन्होंने कहा, अब डबल इंजन की सरकार में ट्रिपल इंजन है। अब हमारे पास एक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री (अजीत और भाजपा के देवेंद्र फड़नवीस) हैं। राज्य में और अधिक विकास होगा।” अजीत को लेकर महाराष्ट्र भाजपा नेतृत्व भी उत्साहित है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि राकांपा के 40 विधायक सरकार के समर्थन में हैं।

एनसीपी प्रमुख ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें फोन किया। दूसरे शब्दों में कहें तो शरद ने संदेश दिया कि भाजपा विरोधी नेता उनके साथ हैं। उद्धव ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा, अजीत पवार, शिंदे खेमे में शामिल हो गए हैं। मुझे उम्मीद है कि यह गठबंधन महाराष्ट्र सरकार को अच्छे से चलाएगा।

उद्धव ने 3 जुलाई को पार्टी की बैठक बुलाई है महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चौहान ने कहा, जब चुनाव होंगे तो देखेंगे कि कितने विधायक पवार के साथ हैं। डबल इंजन हो या ट्रिपल इंजन, कुछ भी काम नहीं कर रहा है। इस बीच महाराष्ट्र के कई इलाकों से यह खबर भी आयी है कि अजीत पवार के साथ इस सरकार में शामिल हुए पार्टी के नेताओँ के पोस्टर बैनरों पर समर्थकों ने स्याही पोती।