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जलाए गए 50 से अधिक घरों का भी दौरा किया अमित शाह ने

  • शाह ने मोरेह में कुकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की

  • सरकार ने इंटरनेट पर प्रतिबंध पांच जून तक बढ़ाया

भूपेन गोस्वामी

गुवाहाटी: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 31 मई को मणिपुर के मोरेह जिले पहुंचे और राज्य में जारी हिंसा के बीच जमीनी हालात का आकलन किया। शाह ने मोरेह जिले में नागरिक समाज और छात्र संगठनों से मुलाकात की और मणिपुर हिंसा के दौरान जलाए गए 50 से अधिक घरों का भी दौरा किया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार सुबह भारत-म्यांमार सीमवर्ती शहर मोरेह पहुंचे। हिंसाग्रस्त मणिपुर यात्रा के तीसरे दिन केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सुबह भारत-म्यांमार सीमावर्ती शहर मोरेह का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुली, नागरिक समाज समूह और कुछ पीड़ितों से भी मुलाकात करने की खबर है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार सुबह भारत-म्यांमार सीमावर्ती शहर मोरेह पहुंचे।जानकारी के मुताबिक इस दौरान उन्होंने कुकी, कुछ नागरिक समाज के समूह और पीड़ितों से मुलाकात की। सूत्रों ने दावा किया कि गृह मंत्री के सुरक्षा उपायों की समीक्षा भी करेंगे।

गृहमंत्री अपने दौरे के तीसरे दिन बुधवार दोपहर में कांगपोकपी जिले का दौरा करेंगे और वहां विभिन्न समूहों से मुलाकात करेंगे।मणिपुर घाटी से चुराचांदपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस छात्रों ने कहा है कि वे अब अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वहां लौटने में सुरक्षित महसूस नहीं करते हैं।

जब हिंसा शुरू हुई तब उपद्रवियों ने कॉलेज हॉस्टल में धावा बोल दिया था। सरकार से छात्रों ने वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।मणिपुर प्रेस क्लब में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए, एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ठोकचोम मंगल मैतेई ने कहा, इस महीने की शुरुआत में जिले में जब हिंसा भड़की, तब उनको बहुत दर्दनाक परिस्थितियों से गुजरना पड़ा था।

उस दिन को याद करके वे सिहर उठते हैं। उनको नहीं लगता कि वे दोवारा वहां जाने की हिम्मत कर पाएंगे। उन्होंने कहा, भीड़ और हथियारबंद बदमाशों ने मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में भी धावा बोल दिया। मोबाइल फोन और अन्य सामान ले गए। सशस्त्र बदमाशों द्वारा 70 से अधिक मोबाइल फोन ले लिए गए और अभी तक छात्रों को वापस नहीं किए गए हैं।

उन्होंने छात्रों की ओर से सुरक्षित माहौल में पढ़ाई करने की इच्छा जताते हुए सरकार से अपील की कि उनके करियर को जोखिम में न डालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस बीच बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली मणिपुर सरकार ने 31 मई को एक बार फिर राज्य भर में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन को 5 जून तक बढ़ा दिया।

उल्लेखनीय है कि मणिपुर के 10 से अधिक जिलों में हिंसक झड़पों के बाद तीन मई से इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।  राज्य सरकार 4 मई से कम से कम 23 दिनों के लिए मणिपुर में इंटरनेट ब्रॉडबैंड, मोबाइल डेटा पर प्रभावी रूप से प्रतिबंध लगा रही है। एन बीरेन सिंह की सरकार ने 3 मई की शाम से मणिपुर के कुछ हिस्सों में इंटरनेट बंद कर दिया।

सरकार ने कहा कि यह आदेश शांति और सार्वजनिक व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए जारी किया गया है। इंटरनेट सेवाओं को निलंबित करने का निर्णय उन रिपोर्टों के मद्देनजर आया है, जिनमें क्षेत्र में घरों और परिसरों को निशाना बनाकर आगजनी किए जाने की बात कही गई है।