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बीस मिलियन यूक्रेनी को भागना पड़ेगाः जेलेंस्की

रूसी हमले के बारे में यूक्रेनी विस्थापन की चेतावनी दी

अनेक लोग दूसरे देशों में शरणार्थी हैं

हमला तेज हुआ तो और लोग हटेंगे

घरों को गर्म रखने की बिजली नहीं

कीवः  यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि यदि आक्रमणकारी रूसी सेना से देश पराजित हो जाता है, तो पूरे यूरोप में 20 मिलियन तक यूक्रेनी नागरिक विस्थापित हो सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनके लोगों को यूक्रेन से बाहर धकेला जा रहा है, जबकि रूसी सेना रुकना नहीं चाहती है। यूरोपीय संघ के नेताओं के एक शिखर सम्मेलन में उन्होंने कहा, रूस हमें मार रहा है।

यूरोस्टेट के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त तक कम से कम 4.43 मिलियन लोग युद्ध के कारण यूक्रेन छोड़कर यूरोप में शरणार्थी के रूप में रह रहे थे। अधिकांश शरणार्थियों ने जर्मनी, पोलैंड और चेकिया में शरण ली है। जो यूक्रेनी नागरिक अपने घर वापस लौट रहे हैं, उन्हें पर्याप्त आश्रय तलाशने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर लगातार हो रहे हमलों के कारण देश क्षतिग्रस्त आवासों और अत्यधिक महंगे उपयोगिता बिलों से जूझ रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन के यूरोप और मध्य एशिया के क्षेत्रीय निदेशक आर्थर एर्केन ने एक बयान में कहा, लाखों यूक्रेनियन लोगों के लिए अब यह चुनौती नहीं है कि वे घर लौट सकते हैं या नहीं। उन्होंने आगे कहा, अहम सवाल यह है कि क्या वे वहां सुरक्षित रूप से रह सकते हैं और इस समय परिस्थितियां ऐसा करना बहुत मुश्किल बना रही हैं।

फ्रंटलाइन ग्रामीण क्षेत्रों में लौटने वाले कम से कम 75 प्रतिशत लोगों को क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत के लिए सामग्री की सहायता की आवश्यकता है, जबकि दो-तिहाई लोगों के पास छत सामग्री और इंसुलेशन का अभाव है। संगठन के अनुसार, पिछली सर्दियों में केवल 32 फीसद परिवार ही अपने घरों को पर्याप्त रूप से गर्म रख पाने में सक्षम थे।

पैसे बचाने के लिए लगभग 60 फीसद परिवारों ने अपने घरों को गर्म करने की मात्रा कम कर दी थी। एर्केन ने चेतावनी देते हुए कहा, जैसे-जैसे सर्दियां नजदीक आ रही हैं, कार्रवाई करने का समय तेजी से कम हो रहा है। 2026 के लिए आईओएम की यूक्रेन संकट प्रतिक्रिया योजना के लिए 7 फीसद से भी कम राशि जुटाई जा सकी है, जिससे सर्दियों से पहले मिलने वाली सहायता बेहद सीमित हो गई है। उन्होंने कहा, सर्दियों की स्थिति मौजूदा जरूरतों को और गंभीर बना दे और अधिक परिवारों को विस्थापन के जोखिम में डाल दे, इससे पहले अतिरिक्त सहायता मिलना अब बेहद महत्वपूर्ण है।