सरकार ने काम पूरा करने हेतु जनगणना ड्यूटी का दायरा बढ़ा
नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में कहा कि जारी जनसंख्या जनगणना के लिए निजी संस्थानों के शिक्षकों, सरकारी क्लर्कों, बैंक अधिकारियों और किसी भी अन्य उपयुक्त व्यक्ति को प्रगणक (इन्यूमरेटर) के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
इससे पहले, यह कार्य काफी हद तक सरकारी शिक्षकों और स्थानीय प्राधिकरण के कर्मचारियों को सौंपने की प्रथा थी। नियमों में संशोधन करने वाली शुक्रवार की अधिसूचना, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस द्वारा पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय का रुख करने के बाद आई है, जिसमें जनगणना के लिए निजी और सहायता प्राप्त न करने वाले (गैर-सहायता प्राप्त) स्कूलों के शिक्षकों की मांग और तैनाती को चुनौती दी गई थी।
8 अक्टूबर को न्यायमूर्ति हरप्रीत सिंह बराड़ ने हरियाणा सरकार के उन दो पत्रों पर रोक लगा दी थी जिनमें जनगणना ड्यूटी के लिए उपलब्ध शिक्षकों का ब्योरा मांगा गया था। इस मामले को अगले साल 29 अप्रैल के लिए सूचीबद्ध किया गया है। भारत के महारजिस्ट्रार मृत्युंजय कुमार नारायण द्वारा शुक्रवार को जारी एक राजपत्र (गजट) अधिसूचना में कहा गया कि केंद्र ने जनगणना नियम, 1990 में संशोधन किया है, जिसमें कहा गया है कि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों द्वारा शिक्षकों, क्लर्कों या किसी अधिकारी या किसी भी व्यक्ति को जनगणना प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
अधिसूचना में कहा गया है कि, (1) सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, सहायता प्राप्त या गैर-सहायता प्राप्त निजी निकायों, सोसायटियों या ट्रस्टों के किसी भी शैक्षणिक संस्थान के शिक्षक; (2) केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय प्राधिकरण या प्रतिष्ठान (सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, वैधानिक निकायों, बैंकों, कंपनियों, संस्थानों, सोसायटियों और ट्रस्टों सहित) के क्लर्क या कोई भी अधिकारी; (3) कोई भी व्यक्ति, जिसे राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन उपयुक्त समझे, जनगणना प्रगणक के रूप में नियुक्त किया जा सकता है।
हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल्स कॉन्फ्रेंस ने तर्क दिया था कि जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 4ए स्थानीय अधिकारियों के अधिकारियों और कर्मचारियों को कवर करती है, जो एक ऐसी श्रेणी है जिसमें निजी, गैर-सहायता प्राप्त स्कूल शामिल नहीं हैं। उन्होंने तर्क दिया कि सरकार प्रशासनिक पत्रों के माध्यम से कानून के दायरे का विस्तार नहीं कर सकती है।