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मोदी, शाह, ज्ञानेश कुमार को कटघरे में जाना होगा: राहुल गांधी

नेता प्रतिपक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में लोकतंत्र बहाली का संकल्प लिया

यह आंदोलन आगे भी चलता रहेगा

जो जिम्मेदार हैं, वह सजा भी पायेंगे

भेदभाव नहीं यहां हर कोई साथ है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों का एक ही मुख्य उद्देश्य है—लोकतंत्र की बहाली। इसके साथ ही उन्होंने वादा किया कि संविधान और देश की चुनावी व्यवस्था के विनाश के लिए जिन्हें वे जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। विपक्षी गठबंधन द्वारा चार दिनों तक किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद वे नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा, हम सब यहाँ एक साथ एकजुट होकर खड़े हैं। उन्होंने आगे कहा, जैसा कि मैंने कल कहा था, कोई समांतर या अलग-अलग विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहे हैं; यह एक ही एकीकृत विरोध प्रदर्शन है और इस आंदोलन का केवल एक ही मिशन है—भारत में लोकतंत्र की बहाली।

केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए गांधी ने कहा, इस देश में लोकतंत्र को नष्ट कर दिया गया है, चुनाव प्रणाली को ध्वस्त कर दिया गया है, और संविधान को फाड़कर फेंक दिया गया है। उन्होंने कहा, हम इस देश में लोकतांत्रिक शासन, यानी वास्तविक लोकतांत्रिक शासन की पुनर्स्थापना के लिए मिलकर संघर्ष कर रहे हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों पर लगी पाबंदियों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा, लोकतंत्र में अपनी बात व्यक्त करने का एकमात्र माध्यम जंतर-मंतर था, और अब सरकार ने तय कर लिया है कि लोकतांत्रिक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए जंतर-मंतर का उपयोग नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, सरकार के लिए यह तय करना इतना आसान नहीं होने वाला है कि भारत के लोग अपनी आवाज और अधिकारों के लिए लड़ाई नहीं लड़ेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए गांधी ने कहा, जिन लोगों ने यह सब किया है—मिस्टर मोदी, जो इसके मुख्य सूत्रधार हैं, मिस्टर अमित शाह, जो इसे लागू करने वाले हैं, मिस्टर ज्ञानेश कुमार और अन्य—उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अब उनके इर्द-गिर्द शिकंजा कसता जा रहा है। उन्होंने कहा, यह इतना आसान नहीं होगा कि आप भारतीय संविधान को नष्ट कर दें और बिना किसी अंजाम के बच निकलें।

राहुल गांधी ने दृढ़तापूर्वक कहा, हमारा आपसे यह वादा है कि जिन लोगों ने यह कृत्य किया है—मिस्टर मोदी, मिस्टर शाह, मिस्टर ज्ञानेश कुमार, वह महिला जो इस समय देहरादून में छिपी हुई हैं, और अन्य लोग—उन सभी को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

गांधी ने इस विरोध प्रदर्शन में भारी संख्या में जुटी भीड़ का श्रेय देश के आम नागरिकों को दिया। उन्होंने कहा, कल आपने जो देखा, वह यहाँ खड़े राजनीतिक दलों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि वह भारत की जनता की आवाज और अभिव्यक्ति थी। उन्होंने आगे कहा, इसलिए, एक समूह के रूप में हम सबसे पहले दिल्ली की जनता और भारत के उन तमाम लोगों का धन्यवाद करना चाहते हैं, जो इस गलत नीति के खिलाफ हमारे साथ मजबूती से खड़े रहे।

उन्होंने कहा, न्यायपालिका की अपनी एक भूमिका है और हमें उम्मीद है कि वे उस भूमिका को निभाएंगे। लेकिन हम राजनीतिक लोग भी हैं, और चाहे कुछ भी हो जाए—चाहे कोई संस्थान अपनी भूमिका निभाए या न निभाए—राजनीतिक प्रतिरोध और जनता का संघर्ष लगातार जारी रहेगा और अंततः इसी की विजय होगी।  इससे पहले संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन ने राजधानी में अभूतपूर्व भीड़ जुटाई है। उन्होंने कहा, शायद दिल्ली में इससे पहले कभी इतने लोग एक साथ नहीं आए थे। उन्होंने आगे कहा, यह पहली बार है जब सभी युवा और साथी अपनी मर्जी से खुद आगे आकर एकजुट हुए हैं, जैसा कि आपने देखा है।