अभिनंदन जनकल्याण सोसाइटी की जनसेवा पर जोर, सूर्य नगर के ‘आयु आरोग्य’ केंद्र में आहार और दिनचर्या पर भी ध्यान
सूर्य नगर में डे-केयर सेंटर का शुभारंभ
सूर्य नगर, गाजियाबाद, 11 अक्टूबर 2026 : आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अभिनंदन जनकल्याण सोसाइटी ने सूर्य नगर में ‘आयु आरोग्य’ डे-केयर सेंटर शुरू किया है। मोदीनगर में संचालित सोसाइटी के चैरिटेबल चिकित्सा संस्थान की सेवाओं के विस्तार के रूप में शुरू किए गए इस केंद्र में उपचार के साथ रोगियों को स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन देने पर जोर रहेगा। सोसाइटी के अध्यक्ष सनातनी विनोद कुमार बिंदल ने बताया कि संस्थान में रोगियों की जरूरतों को समझकर सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

चिकित्सकों की योग्यता और अनुभव
चिकित्सकों की योग्यता और अनुभव के संबंध में बिंदल ने बताया कि संस्थान में योग्य चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। उनके अनुसार, इनमें एमडी उपाधि प्राप्त चिकित्सक भी शामिल हैं और कुछ चिकित्सकों को लगभग 40 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने कहा कि किसी चिकित्सा संस्थान की पहचान केवल उसकी इमारत या भौतिक सुविधाओं से नहीं होती, बल्कि वहां उपलब्ध सेवाओं, चिकित्सकों की योग्यता और रोगियों को मिलने वाले मार्गदर्शन से भी होती है।

आहार और जीवनशैली संबंधी सलाह
आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा में आहार और दिनचर्या की भूमिका पर बिंदल ने कहा कि खानपान तथा जीवनशैली स्वास्थ्य प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। ‘आयु आरोग्य’ में आहार चिकित्सा को उपचार प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोगियों को उनकी जरूरत के अनुसार जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन देने पर ध्यान रहेगा। हालांकि, उपचार का चयन रोगी की स्थिति और योग्य चिकित्सक की सलाह के आधार पर किया जाना चाहिए।

गंभीर बीमारियों में विशेषज्ञ सलाह जरूरी
लंबे समय से दवाइयां लेने वाले रोगियों के संबंध में बिंदल ने कहा कि प्रत्येक रोगी की शारीरिक स्थिति और उपचार की जरूरत अलग होती है। बीमारी की प्रकृति, गंभीरता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य परिस्थितियों के आधार पर उपचार की अवधि तथा परिणाम बदल सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिकित्सकीय परामर्श के बिना नियमित दवाइयां बंद नहीं करनी चाहिए। गंभीर बीमारियों में आवश्यक जांच, विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह और प्रमाणित उपचार जारी रखना जरूरी है।

चैरिटेबल सेवाएं और आर्थिक सहायता
बिंदल ने बताया कि अभिनंदन जनकल्याण सोसाइटी का उद्देश्य जनसेवा को प्राथमिकता देना है। संस्थान में उपचार शुल्क संचालन की लागत और आवश्यक खर्चों को ध्यान में रखकर निर्धारित किया जाता है। आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों की सहायता के संबंध में उपलब्ध संसाधनों के अनुसार विकल्पों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, निःशुल्क उपचार, रियायती परामर्श या नियमित स्वास्थ्य शिविरों की किसी निश्चित व्यवस्था का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि रोगियों को उपचार की प्रक्रिया और संभावित सीमाओं के बारे में जानकारी मिलना आवश्यक है।
रोगियों के स्वास्थ्य और विश्वास को प्राथमिकता
बिंदल ने बताया कि सूर्य नगर में केंद्र शुरू होने से आसपास के लोगों को स्थानीय स्तर पर उपचार सेवाओं का अतिरिक्त विकल्प मिला है। नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के अन्य क्षेत्रों के लोग मोदीनगर स्थित संस्थान की सुविधाओं का भी लाभ ले सकते हैं। उन्होंने भविष्य में सेवाओं का विस्तार उपलब्ध संसाधनों और परिस्थितियों पर निर्भर बताया। साक्षात्कार के समापन पर उन्होंने हनुमान जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए लोगों से केंद्र में उपलब्ध सेवाओं की जानकारी लेने की अपील की। उनके अनुसार, रोगियों का स्वास्थ्य, विश्वास और उपचार की गुणवत्ता संस्थान की प्रमुख प्राथमिकताएं हैं।